देहरादून में मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के मौजूदा राजनीतिक माहौल और अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी बढ़ती चर्चाओं पर खुलकर बात की। विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम पर विस्तृत जानकारी देने के बाद उन्होंने अंकिता प्रकरण से जुड़े हालिया विवादों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या ऐसी घटना थी जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। उन्होंने बताया कि सरकार ने केस सामने आते ही तत्काल कार्रवाई की थी और तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई थी। महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर जांच को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया गया। मजबूत पैरवी के बाद अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसे सरकार न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाल ही में वायरल हुए ऑडियो पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऑडियो में कई लोगों के नाम उछाले जा रहे हैं और इसके स्रोत तथा मंशा को लेकर सवाल पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है, ताकि सच सामने आ सके। उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसे किसी भी हाल में बचने नहीं दिया जाएगा।
धामी ने ऑडियो के सामने आने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मामला देहरादून से जुड़ा है तो प्रेस कॉन्फ्रेंस सीधे दिल्ली में क्यों की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले हत्या का आरोप लगाया गया और फिर उसी ऑडियो में आत्महत्या का जिक्र आया, जिससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं एक संगठित कोशिश चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध करने वालों को चाहिए कि वे सामने आकर अपने दावे साबित करें, क्योंकि सरकार सभी सवालों का सामना करने के लिए तैयार है।
जब पत्रकारों ने पूछा कि पार्टी के कुछ नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं, तो मुख्यमंत्री ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, जबकि सरकार का रुख साफ है—अंकिता भंडारी राज्य की बेटी थी, है और उसके लिए न्याय की लड़ाई में कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने सुरेश राठौर पर उठे सवालों पर कहा कि वह अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें खुद आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई करती है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता।
कांग्रेस द्वारा एक्स पर पोस्ट किए गए बयान का भी असर प्रेस कॉन्फ्रेंस में महसूस हुआ। कांग्रेस ने एक लंबा पोस्ट जारी कर अंकिता केस की सीबीआई जांच की मांग दोहराई और आरोप लगाया कि यह मामला भाजपा की कार्यशैली को उजागर करता है। प्रदेश भर में चल रहे धरना-प्रदर्शनों के कारण सरकार पर दबाव बढ़ा है और इसी माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सच्चाई जल्द सामने आएगी और भ्रम फैलाने वालों को बेनकाब किया जाएगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास है।
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा, पारदर्शिता आएगी और हिमालयी राज्यों को 90 फीसदी केंद्रीय सहायता मिलने से विकास कार्य तेज़ होंगे।
