घर की सफाई हमेशा एक सुकून और ताजगी महसूस करवाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही सफाई कभी-कभी आपकी सेहत पर भी नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ अध्ययनों में सामने आया है कि लंबे समय तक तेज रसायन वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल फेफड़ों की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है।
अधिकतर घरों में सफाई का ज़िम्मा महिलाओं पर ही होता है, इसलिए वे इन प्रोडक्ट्स के संपर्क में ज्यादा आती हैं। बार-बार खुशबूदार साबुन, डिटर्जेंट, एयर फ्रेशनर और क्लीनिंग स्प्रे का उपयोग धीरे-धीरे फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका मतलब सफाई करना गलत नहीं, बल्कि यह है कि सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स कितने सुरक्षित हैं, इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
बता दें कि हर जगह स्ट्रॉन्ग केमिकल की जरूरत नहीं पड़ती। कई प्राकृतिक विकल्प ऐसे हैं जो उतनी ही अच्छी सफाई कर सकते हैं। जैसे सिरका और पानी का मिश्रण, बेकिंग सोडा, कैस्टाइल साबुन और हाइड्रोजन पेरोक्साइड। ये विकल्प हल्के, सुरक्षित और रोजमर्रा की सफाई के लिए काफी बेहतर माने जाते हैं।
फेफड़े शरीर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंगों में से एक हैं। इसलिए सफाई करते समय कमरे की खिड़कियां खुली रखें, तेज गंध वाले उत्पादों से जितना हो सके दूर रहें और अनावश्यक स्प्रे का उपयोग न करें। सफाई के दौरान लिए गए ये छोटे कदम लंबे समय में आपकी सेहत बचा सकते हैं।
घर साफ होना ज़रूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा ज़रूरी यह है कि आपकी सेहत सुरक्षित रहे। सही प्रोडक्ट्स और सावधानी भरे तरीकों को अपनाकर आप घर भी चमका सकते हैं और अपनी सांसों की सुरक्षा भी कर सकते हैं।
