बाल लेखन कार्यशाला:बच्चों ने सीखी निबंध लेखन की बारीकियां ,कवि बनने के लिए हुआ साक्षात्कार

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अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कालेज चौरा हवालबाग में बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा 1 अप्रैल से 5 अप्रैल तक आयोजित बाल लेखन कार्यशाला में बाल कवि बनने के लिए बच्चों का अनोखा साक्षात्कार हुआ।

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कार्यशाला में बच्चों को कविता लेखन की बारीकियां बताई गई। सबसे पहले बच्चों से अपनी पाठ्यपुस्तक की कविता सुनाने को कहा कहा गया। बच्चों को कविता में तुक यानी मिलते जुलते शब्द, लय, भाव तथा शीर्षक होने की बात बताई गई।

उसके बाद बच्चों ने दिए गए शब्द तथा विषय के आधार पर अपनी-अपनी कविता तैयार की।। बाल कवि सम्मेलन के लिए अधिक बच्चों की संख्या को देखते हुए बच्चों से एकल नृत्य करने को कहा गया। बाद में कवि बनने के लिए सारे बच्चों ने एक साथ नृत्य किया।


आयोजकों के अनुसार बच्चों की झिझक कम करने के लिए ये प्रक्रिया अपनाई गई। इच्छुक सभी बच्चों को बाल कवि सम्मेलन में शामिल किया गया।


बाल कवि सम्मेलन के संचालन के लिए प्रस्तुति के बाद हुए खुले मतदान में बच्चों ने संचालक के लिए नव्या तथा खुशी को चुना। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय सचिव एवं कवि नीरज पंत ने बाल कवि सम्मेलन सत्र में बतौर संदर्भदाता बच्चों को मार्गदर्शन किया।


भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी ने बच्चों को विज्ञान के कई खेल कराए। उन्होंने कहा कि विज्ञान के कई प्रयोग करके बाबा तथा ठग किस्म के लोग विज्ञान के चमत्कार दिखाते हैं। ये कोई चमत्कार नहीं बल्कि विज्ञान में रासायनिक प्रयोग के कारण होता है। उन्होंने बच्चों को अंधविश्वास व विज्ञान की अवधारण बताई ।


बच्चों ने ’तोता कहता है’, ’जैसा मैं कहूं’, कितना बड़ा पहाड़,, ’पिज्जा हट’ तथा ’नेताजी की खोज’ समूह बनाना आदि खेलों में मस्ती के साथ खेल-खेल में काफी कुछ सीखा।


बालप्रहरी पत्रिका के संपादक उदय किरौला ने बच्चों को निबंध लेखन की बारीकियां बताई। निबंध के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा निबंध नि और बंध दो शब्दों से मिलकर बना है। नि का आशय नहीं और बंध का आशय बंधन से है।

उन्होंने कहा निबंध साहित्य की ऐसी विधा है जिसके लेखन में कोई बंधन नहीं है। पेन पर दो चार लाईन का निबंध भी हो सकता है और पैन पर एक बड़ा ग्रंथ भी तैयार किया जा सकता है।
सबसे पहले पृष्ठभूमि के तहत उन बातों को जोड़ा जा सकता है।

जब पैन या कलम नहीं थी। पैन के प्रकार, पैन के भाग, उपयोगिता या लाभ-हानि और अंत में उपसंहार लिखा जाता है। सबसे अधिक किसके पैन की ताकत होती है पूछने पर बच्चों ने राष्ट्रपति, जज, जिलाधिकारी, प्रधानाचार्य और शिक्षक की पैन को पावरफुल बताया। एक बच्चे का कहना था सबसे अधिक ताकत बच्चे की पैन में होती है।

यदि बच्चा अपनी पैन का उपयोग करके परीक्षा में सही जबाब लिखता है तब शिक्षक,प्रधानाचार्य या कोई भी बच्चे को फेल नही कर सकता है।


उसके बाद बच्चों ने गांव में पाए जाए जाने वाले पेड़, मेरा स्कूल, भोजन की बरबादी, गांव की महिलाएं, आदि विषयों पर निबंध तैयार किए। पहले चरण में बच्चों ने दरी, कुर्सी, मेज, बल्ब, दीवार, छत, खिड़की व सभागार में उपस्थित वस्तुओं में से एक विषय पर निबंध लिखा।


आज बच्चों की कई प्रतियोगिताएं कराई गई। आज संपन्न कविता लिखो प्रतियोगिता, शब्द लेखन प्रतियोगिता, अंग्रेजी लेखन, गिनती लिखो प्रतियोगिता में पूर्व आयकर आयुक्त श्यामपलट पांडेय जी के सौजन्य से भूमिका, करन मेहरा, देवेश पिलख्वाल, गरिमा भोजक, तनुजा मेहरा, डिंपल सलाल, संजना नेगी, हर्षिता राणा
आदि बच्चों को बालसाहित्य उपहार में दिया गया।

पहाड़ा लिखो प्रतियोगिता में ममता बिष्ट ने दस अरब का पहाड़ा लिखकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।


आज अध्यक्ष मंडल में वर्षा जोशी, विनय जोशी, नव्या, नंदिनी और कौशल पिलख्वाल को शामिल किया गया। आज कार्यशाला की शुरुआत सफदर हाशमी के गीत ’किताबें करती हैं बातें’ से हुई। आयुष जोशी ने विगत दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बच्चों ने अपनी हस्तलिखित पुस्तक के लिए मेरे जीवन की घटना, यात्रा वृतांत, चुटकुले तथा ड्राइंग तैयार की। कार्यशाला के संयोजक दिनेश पांडे द्वारा तैयार दीवार पत्रिका बाल संसार तथा डॉ0मनोज जोशी द्वारा तैयार दीवार पत्रिका बाल दर्पण का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के ब्लॉक संयोजक नरेन्द्र पाल सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यशाला की अवधारणा प्रस्तुत की।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला का समापन सोमवार को होगा। समापन समारोह में बच्चों द्वारा तैयार नुक्कड नाटक, बाल कवि सम्मेलन होगा। बच्चों द्वारा तैयार हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।


“ज्ञान का दिया जलाने चल पड़ा है काफिला” समूह गीत की तैयारी 16 बच्चों के साथ दिनेश पांडेय, नुक्कड़ नाटक में 12 बच्चों की शामिल कर उदय किरौला जी के द्वारा , बाल कविताएं लिखने में 10 बाल कवियों के साथ मार्गदर्शक नीरज पंत और पर्यावरण पर नाटिका में 18 बच्चों को लेकर प्रमोद तिवारी द्वारा तैयार कराया गया। सभी ग्रुप के बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ तैयारी की।


अंत में भारत ज्ञान विज्ञान समिति के ब्लाक समन्वयक नरेंद्र पाल सिंह ने सभी को आगामी दिवस का कार्यक्रम बताकर सभी का आभार प्रकट किया

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