Chardham Yatra : चार धाम यात्रा के लिए पहले दिन ही सवा लाख से ज्यादा लोगों ने कराया पंजीकरण

हिमालय पर्वत पर स्थित देवभूमि उत्तराखंड के चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के ग्रीष्मकालीन दर्शन अब खोलने का समय आ गया है…

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हिमालय पर्वत पर स्थित देवभूमि उत्तराखंड के चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के ग्रीष्मकालीन दर्शन अब खोलने का समय आ गया है लेकिन राज्य सरकार ने शुक्रवार से तीर्थ यात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।


पहले ही दिन चारों धामों में दर्शनों के लिए शाम 5:00 बजे तक देश-विदेश से कुल 1,24,089 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया राज्य के पर्यटन , धर्मस्व और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इस बार भी रिकॉर्ड श्रृद्धांलुओं के आने की संभावना व्यक्त की है।

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बताया जा रहा है कि चार धाम यात्रा इस साल 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शुरू हो जाएगी जिसको देखते हुए 6 मार्च से यात्रियों के पंजीकरण के प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार भी चार धाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु आने की संभावना दिखाई दे रही है जिसकी वजह से चार धाम यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।


श्री महाराज ने कहा कि चारधाम की तीर्थ यात्रा हिंदुओं के लिए काफी महत्व रखती है। लाखों की संख्या में भक्त हर साल आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के उद्देश्य से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर जाते हैं।

उन्होंने बताया कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के कारण वर्ष 2025 में 5600031 (56 लाख 31 हजार) श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष भी सरकार ने चारधाम यात्रा को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विशेष प्रबंध किये हैं।


बताया जा रहा है कि चार धाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के दिन 19 अप्रैल को खोल दिए जाएंगे चार धाम यात्रा का देखते हुए सभी सरकारी विभागों की तैयारी पूरी हो गई है


मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी पूरी व्यवस्था की है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 50 काउंटर बनाये गये हैं।

इनमें 30 काउंटर ऋषिकेश में और 20 काउंटर विकासनगर में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह सभी काउंटर दिन-रात यानी पूरे 24 घंटे काम करेंगे, ताकि किसी भी यात्री को पंजीकरण में कोई परेशानी न हो।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपना पंजीकरण वेबलिंक और मोबाइल एप के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालू अपना पंजीकरण आधार कार्ड के माध्यम से भी कर सकेंगे जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।


यह भी बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड अगर उपलब्ध नहीं है तो उसके लिए पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी यात्रा पंजीकरण केन्द्र एवं ट्रॉजिट कैम्प ऋषिकेश, पंजीकरण केन्द्र ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और पंजीकरण केन्द्र विकास नगर देहरादून में पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था की गई है।

इन भौतिक काउंटरों पर पंजीकरण सेवा कपाट खुलने से दो दिन पूर्व 17 अप्रैल से प्रारम्भ की जाएगी। रजिस्ट्रेशन स्थलों पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गये हैं।


श्री महाराज ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय और पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था के साथ साथ यात्रा रूट पर मुख्य मार्गो और वैकल्पिक मार्गो को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश और यात्रा के मानकों को ध्यान में रखते हुए एसओपी भी जारी की जाएगी। यात्रा के दौरान हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक की जानकारी के साथ-साथ टूर आपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर दर्ज होना अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि यात्रा में इस बार कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रहेंगी। प्रतिदिन 130 बसें रवाना होंगी और 10 दिन की यात्रा अवधि में लगभग 1300 मार्गों पर चलेंगी।

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