डॉक्टरों से हिंसा पर केंद्र का राज्यों को पत्र,

नई दिल्ली।  डॉक्टरों के साथ हिंसा के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र…

Whats App Image 2026 03 19 at 11 25 19 AM

4caac873473cca7d0b87438bee574b0c

नई दिल्ली।  डॉक्टरों के साथ हिंसा के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक विस्तृत समीक्षा करके यह सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है कि संशोधित महामारी रोग अधिनियम के कार्यान्वयन के अलावा स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व भलाई के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे अपने पत्र में कहा कि कि स्वास्थ्य कर्मियों की हर मोर्चे पर कोविड-19 प्रबंधन में सबसे अहम भूमिका है।

हाल ही में असम, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक समेत कुछ जगहों से डॉक्टरों, स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों तथा अन्य पेशेवरों के खिलाफ हिंसा की खबरें आईं। उन्होंने कहा कि इस तरह के वाकये हमारे स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मियों के मनोबल को प्रभावित करते हैं जिन्होंने कोविड-19 प्रबंधन में सभी चुनौतियों के खिलाफ अनुकरणीय प्रतिबद्धता दिखाई। 

बता दें , कुछ दिन पहले असम के होजई जिले में डॉक्टर पर हमले के बाद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। इस पत्र में आईएमए ने शाह से स्वास्थ्य संबंधी हिंसा के खिलाफ एक प्रभावी और मजबूत कार्रवाई को मंजूरी देने का अनुरोध किया गया था। 

बता दें कि असम के होजई जिले में फुलताली मॉडल अस्पताल में कोरोना मरीज की मौत के बाद पुरुषों के एक समूह द्वारा एक ऑन-ड्यूटी डॉक्टर पर हमला किया गया था। जिसके बाद से राज्य के डॉक्टरों में नाराजगी देखी गई। वहीं आईएमए ने भी घस घटना की कड़ी निंदा की थी।