अल्मोड़ा (उत्तरा न्यूज़ डेस्क):
उत्तराखंड में चुनावी हलचल के बीच दल-बदल की राजनीति गरमा गई है। बीते दिवस भाजपा के 6 बड़े नेताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। अब भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायकों और नेताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करारा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने तंज कसते हुए कहा है कि जो नेता अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के चलते भाजपा और जनता द्वारा ‘रिजेक्ट’ कर दिए गए थे, आज वे कांग्रेस में ‘सलेक्ट’ हो गए हैं।
रविवार को पार्टी मुख्यालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया।
‘जाकी रही भावना जैसी…’
अपने पूर्व के बयानों पर कांग्रेस की आपत्ति का जवाब देते हुए महेंद्र भट्ट ने इसे कांग्रेसी नेताओं की ‘द्विअर्थी सोच’ का नतीजा बता दिया। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी” का उल्लेख करते हुए कहा कि गलती उनके बयान में नहीं, बल्कि कांग्रेस नेताओं की सोच में है। उनके मन में अपने ही साथी नेताओं के प्रति जो सोच रहती है, उन्होंने बयानों का वही अर्थ निकाला है।
‘अंधे के हाथ बटेर लगने जैसी स्थिति’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीते कल (शनिवार को) कांग्रेस में कुछ लोगों का शामिल होना ‘अंधे के हाथ बटेर’ लगने जैसा है। उन्होंने कहा, “इनमें से अधिकांश को भाजपा बहुत पहले ही अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और अनैतिक आचरण के चलते पार्टी से निकाल चुकी है। इन लोगों ने निर्दलीय प्रत्याशी रहकर जनता के बीच जाकर भी चुनाव लड़ा, लेकिन वहां भी नकारे गए। कहा कि भाजपा और जनता से रिजेक्टेड लोग कांग्रेस के लिए सिलेक्टेड हो गए हैं। भाजपा नैतिकता और आचरण से कभी समझौता नहीं करती।”
कोप भवन में बैठे कांग्रेस के बड़े नेता
महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और पूर्व सीएम हरीश रावत के मौन व्रत पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कुछ दागी लोगों के आने से अब पार्टी के कई पुराने और निष्ठावान लोगों का जाना निश्चित हो गया है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के बड़े और सबसे बड़े नेता भी इस नई ‘भर्ती’ से नाखुश हैं। कई कार्यकर्ता इस्तीफा दे रहे हैं, तो कोई मौन धारण कर ‘कोप भवन’ में बैठ गया है। जो थोड़े बहुत स्वाभिमान वाले नेता कांग्रेस में बचे हैं, वे भी अब वहां कुछ ही दिनों के मेहमान हो सकते हैं।” भट्ट ने कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि नए नेताओं की सूची बनाने से पहले उन्हें अपने शेष बचे नेताओं को संभालने की चिंता करनी चाहिए।

