बिहार बना देश का पहला राज्य, अब ज्वेलर्स दुकानों में चेहरा दिखाना अनिवार्य, वरना नहीं मिलेगी एंट्री

बिहार ने ज्वैलर्स की दुकानों की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। राज्य में अब…

बिहार ने ज्वैलर्स की दुकानों की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। राज्य में अब कोई भी ग्राहक हिजाब, नकाब, घुंघट या हेलमेट पहनकर ज्वैलर्स दुकान में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यह प्रतिबंध 8 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। यह फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन के सुझाव पर लिया गया है, ताकि दुकानों में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाई जा सकें।

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फेडरेशन के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि यह नियम किसी भी समुदाय , परम्परा या मान्यता के विरुद्ध नहीं है। उनका कहना है कि चेहरा ढका होने की वजह से अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है और इससे कई मामलों की जांच लंबी खिंच जाती है। इसलिए यह कदम केवल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

पिछले कुछ महीनों में कई मामलों में यह देखा गया कि लुटेरों ने फुल हेलमेट , नकाब या घूंघट ओढ़कर समूह में दुकानों में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में चेहरे साफ न दिखाने के कारण पुलिस के लिए जांच आगे बढ़ाना चुनौती बन गया था। सोना और चांदी की कीमतें इस समय रिकॉर्ड स्तर पर है – 10 ग्राम सोना लगभग 1,40,000 और एक किलो चांदी करीब 2,50,000 तक पहुंच चुकी है। ऐसे में ज्वेलर्स दुकानों अपराधियों की पहली पसंद बनती जा रही है।

प्रदेश के सर्राफा व्यापारियों ने इस नियम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि चेहरा खुला होने से न सिर्फ दुकानों की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करना भी आसान हो जाएगा। फेडरेशन ने सभी ग्राहकों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि दुकान प्रवेश करते समय चेहरा खुला रखना अब अनिवार्य होगा।