जाखनदेवी में कलश यात्रा के बाद शुरू हुई भागवत कथा,बोले ​महंत महंत शिवा शंकर दास, भागवत कथा सुनने से मिलता है जीव को अभय

जाखनदेवी में विगत दिवस यानि 6 जुलाई से भागवत कथा शुरू हो गई है। कल बारिश के बावजूद भक्तों के जोश में कोई कमी नही…

जाखनदेवी में विगत दिवस यानि 6 जुलाई से भागवत कथा शुरू हो गई है। कल बारिश के बावजूद भक्तों के जोश में कोई कमी नही देखी गई। मुख्य यजमान दीपक जोशी के घर से कलश यात्रा जाखनदेवी मंदिर,लक्ष्मेश्वर मंदिर के पास होते हुए मुख्य यजमान के घर भागवत कथा स्थल में जाकर संपन्न हुई। कलश यात्रा के बाद कथा कथा महात्म्य और मंगलाचरण किया गया।


भागवत कथा के प्रारंभ से पहले भगवान श्रीकृष्ण और भागवत पुराण की विधिवत पूजा की गई। इसके साथ् ही कलश स्थापना की गई। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इसके बाद कथा वाचक ​महंत महंत शिवा शंकर दास का स्वागत और सम्मान किया गया और व्यासपीठ की स्थापना की गई।

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मथुरा से आए महंत शिवा शंकर दास ने भगवान की महिमा का वर्णन करने के साथ ही भागवत कथा शुरू की। महंत शिवा शंकर दास ने कहा कि भागवत कथा सुनने से कई फ़ायदे होते हैं, जैसे कि, मृत्यु को जानने से मृत्यु का डर मन से निकल जाता है। कहा कि परीक्षित ने भागवत कथा सुनकर अभय को प्राप्त किया था, उसी तरह भागवत कथा सुनने से जीव को अभय मिलता है। भागवत कथा हृदय को जागृत करती है और मुक्ति का मार्ग दिखाती है. यह भगवान के प्रति अनुराग भी जगाती है।साथ ही, भागवत कथा सुनने से आत्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है और सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है। कथा के दौरान भजनों और कीर्तन,भजने ने माहौल को और भी ज्यादा भक्तिमय कर दिया।इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में लोगों ने भागवत कथा का श्रवण किया।


आज का कार्यक्रम
भागवत कथा के दूसरे दिन आज श्री कपित देवहूति संवाद होगा।इसमें व्यास महंत शिवा शंकर दास भगवान कपित के उपदेशों के बारे में बताएंगे,साख्य दर्शन में वह आत्मा और प्रकृति के बीच के संबंध को समझाएंगे। आयोजक दीपक चंद्र और विनीता जोशी ने भक्तजनों से भागवत कथा को सुनने के लिए आने की अपील की है।