आजकल ज्यादातर लोग बीमारियों से बचने के लिए उबला हुआ पानी पीना जरूरी समझते हैं। बढ़ती जागरूकता के कारण लोग इसे सबसे सुरक्षित और साफ मानकर रोजाना इस्तेमाल करते हैं। घरों में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खासतौर पर उबला पानी पीने की सलाह दी जाती है ताकि पेट से जुड़ी तकलीफें और इंफेक्शन दूर रहें। लेकिन कम लोग जानते हैं कि अगर उबले पानी को ठीक तरह से न बनाया जाए, तो यह फायदा देने की जगह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
बारिश और ठंड में इसे फिल्टर पानी से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि उबालने से कई हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इसके बावजूद गलत तरीके से उबाला या रखा गया पानी स्वास्थ्य को खतरे में डाल सकता है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पानी उबालते समय लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। सबसे आम गलती है एक बार उबाले गए पानी को फिर से उबाल देना। बहुत लोग गरम करने के लिए बार-बार पानी को चढ़ा देते हैं, जबकि ऐसा करने से पानी का मिनरल बैलेंस गड़बड़ा जाता है। दोबारा उबालने पर नाइट्रेट, फ्लोराइड और आर्सेनिक जैसे तत्वों की मात्रा बढ़ सकती है, जो किडनी और पाचन पर खराब असर डालते हैं।
दूसरी बड़ी गलती है पानी को जरूरत से ज्यादा देर तक उबालना। पानी को साफ करने के लिए कुछ मिनट उबालना काफी होता है, लेकिन लंबे समय तक लगातार उबालने से इसमें मौजूद प्राकृतिक ऑक्सीजन खत्म होने लगती है। इससे पानी का स्वाद बदल जाता है और शरीर इसे आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता। साथ ही ज्यादा देर उबालने से पानी में मौजूद अशुद्धियां और ज्यादा सघन हो जाती हैं।
तीसरी गलती लोग तब करते हैं जब उबला पानी गलत बर्तन में रख देते हैं। गर्म पानी को सामान्य या हल्की क्वालिटी के प्लास्टिक कंटेनर में रखना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। गर्मी के कारण प्लास्टिक से BPA जैसे केमिकल पानी में घुल सकते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। इसलिए उबले पानी को हमेशा स्टील, कांच या तांबे के बर्तनों में ही रखना चाहिए। साथ ही इसे ढककर रखना जरूरी है ताकि धूल और हवा में मौजूद कण इसमें न घुल सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि पानी में बस एक उबाल आने देना काफी है। कुछ देर बाद गैस बंद करके पानी को ठंडा होने दें और चाहें तो छानकर इस्तेमाल करें। कोशिश करें कि उबला हुआ पानी एक दिन से ज्यादा न रखें, क्योंकि ज्यादा देर रखने पर इसकी शुद्धता कम होने लगती है।
डिस्क्लेमर : यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए है। कोई भी तरीका अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। उत्तरा न्यूज इस जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।
