महाकुंभ में एक और हादसा: भगदड़ के बाद टेंटों में भीषण आग, प्रशासन सतर्क

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद गुरुवार…

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प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद गुरुवार को महाकुंभ क्षेत्र के सेक्टर 22 में झूंसी छतनाग घाट और नागेश्वर घाट के पास भीषण आग लग गई। इस आग में कम से कम 12 टेंट जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि समय पर फायर ब्रिगेड की टीम ने पहुंचकर आग पर काबू पा लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा

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फायर ब्रिगेड अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि उन्हें करीब 15 टेंटों में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई। कुंभ मेला पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि यह घटना कुंभ मेला क्षेत्र से करीब 6 किलोमीटर दूर एक निजी टेंट में हुई थी।

तीसरी बार आग की घटना

महाकुंभ में आग लगने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 19 जनवरी को सेक्टर 19 में रेलवे पुल के पास आग लगी थी, जबकि 20 जनवरी को सेक्टर 5 में एक टेंट में आगजनी हुई थी। दोनों मामलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

भगदड़ के बाद बढ़ी सतर्कता

इस घटना से एक दिन पहले ही मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

जांच जारी, प्रशासन सतर्क

लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए महाकुंभ प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों की जांच जारी है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।