अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीआईपी विवाद पर घिरी बीजेपी, पत्रकारों के सवालों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस अधूरी छोड़कर निकले राज्यसभा सासंद बंसल

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इस समय पूरा उत्तराखण्ड गुस्से में है। जगह जगह इसके खिलाफ प्रदर्शनो का सिलसिला जारी है।इस हत्याकांड में वीआईपी विवाद…

Ankita Bhandari Murder Case MP Naresh Bansal Avoids Questions, Ends Press Meet Abruptly

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर इस समय पूरा उत्तराखण्ड गुस्से में है। जगह जगह इसके खिलाफ प्रदर्शनो का सिलसिला जारी है।इस हत्याकांड में वीआईपी विवाद की शुरुआत उर्मिला सनावर के वायरल वीडियो से हुई थी, जिसमें उन्होंने एक प्रभावशाली व्यक्ति के शामिल होने का दावा किया था। इस दावे के बाद से ही मामले में सीबीआई जांच और वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है।


अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीआईपी विवाद ने बढ़ाई सियासी गर्मी
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद शुरू हुई वीआईपी कंट्रोवर्सी ने बीजेपी सरकार को असहज कर दिया है। मामले को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं के जवाब जनता को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं।


शनिवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पहली बार सरकार का पक्ष रखा था। इसके बाद सोमवार, 5 जनवरी को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय देहरादून में राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने की कोशिश की।


हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जैसे ही मीडिया कर्मियों ने वीआईपी से जुड़े सीधे सवाल पूछे, सांसद संतोषजनक जवाब देने से बचते नजर आए। कई अहम सवालों को नजरअंदाज करते हुए नरेश बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही समाप्त कर दी, जिससे मामला और चर्चा में आ गया।


कांग्रेस पर लगाए आरोप
इससे पहले राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि कांग्रेस बिना किसी ठोस आधार के अंकिता हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बना रही है और जनता की भावनाओं से खेल रही है। उन्होंने दोहराया कि बीजेपी किसी भी जांच से पीछे नहीं हटती और जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


उर्मिला सनावर के वीडियो से शुरू हुआ है ताजा मामला
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर वीआईपी की संलिप्तता का मामला नया नही है। अंकिता के परिजन शुरू से ही इस हत्याकांड के पीछे किसी वीआईपी को सर्विस देने के मामले को जिम्मेदार ठहरा रहे है। ताजा मामले की शुरुआत उर्मिला सनावर के एक वीडियो से हुई थी, जिसमें उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम के शामिल होने का दावा किया था।


हालांकि वीआईपी विवाद पर राज्यसभा सासंद नरेश बंसल ने कहा कि एसआईटी ने पूरी जांच की है और अदालत ने भी किसी वीआईपी की मौजूदगी नहीं मानी है। उन्होंने दावा किया कि जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और यदि भविष्य में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने मीडिया से अफवाहों पर राजनीति न करने की अपील की।


सवाल अब भी कायम
सरकार जहां एसआईटी जांच को निष्पक्ष बता रही है, वहीं मीडिया और जनता के बीच यह सवाल अब भी बना हुआ है कि अगर कोई वीआईपी नहीं था, तो सरकार सीबीआई जांच से क्यों घबरा रही है।