उत्तराखंड पिथौरागढ़ NHPC टनल हादसे में सभी कर्मचारियो को निकाला गया सुरक्षित, डीएम ने दी यह जानकारी

पिथौरागढ़ जनपद के धार चुला में एनएचपीसी पॉवर हाउस का मुहाना बंद हो गया जिसके कारण एनएचपीसी पावर हाउस के 19 कर्मचारी और अधिकारी टनल…

पिथौरागढ़ जनपद के धार चुला में एनएचपीसी पॉवर हाउस का मुहाना बंद हो गया जिसके कारण एनएचपीसी पावर हाउस के 19 कर्मचारी और अधिकारी टनल के अंदर फस गए थे। आनन फानन में जिला प्रशासन को घटना की जानकारी दी गई। जानकारी के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए टीम मौके पर पहुंची जिसके बाद कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।


आपको बता दे की पिथौरागढ़ में भारी बारिश की वजह से धारचूला में एलागाड़ के पास एनएचपीसी जल विद्युत परियोजना के नुकसान की सूचना मिली। बताया गया कि टनल के ऊपर भारी भूस्खलन के चलते धौलीगंगा जल विद्युत परियोजना की एक टनल बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त हुई है।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

इसके ऊपर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और वह नीचे गिर गया था। भारी मात्रा में मलवा और पत्थर जमा हो जाने की वजह से टनल का मार्ग बंद हो गया था। इस दौरान टनल के अंदर 19 लोग काम कर रहे थे जो सभी उसके अंदर ही फंस गए थे


जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने बताया कि प्रशासन एवं बीआरओ. की तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किया। सुरंग के मुहाने से मलबा हटाया जा चुका है। इमरजेंसी शाफ्ट एरिया को भी निरंतर साफ किया जा रहा है।


जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने यह भी बताया कि आठ कार्मिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद बाकी फंसे लोगों को थोड़ी देर बाद बाहर निकाल लिया गया है। जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ एवं अन्य ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।


उपजिलाधिकारी धारचूला जितेन्द्र वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि धौलीगंगा पावर स्टेशन को लेकर मीडिया में प्रसारित कुछ भ्रामक सूचनाओं के विपरीत पावर हाउस को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई है।

टनल के मुख्य द्वार पर बार बार आ रहे मलबे को सड़क सुरक्षा संगठन (BRO) के माध्यम से लगातार हटाया जा रहा है। मौके पर पर्याप्त मशीनरी एवं सुरक्षा बल (CISF/NDRF) तैनात हैं।