हरिद्वार के एक प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद परिवार वाले और गांव के लोग भड़क गए और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मामला इतना गरमाया कि पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा लेकिन परिजन अब भी अस्पताल के बाहर डटे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक लक्सर के भोगपुर गांव का रहने वाला अंकित अपनी पत्नी आरती को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर सरकारी महिला अस्पताल लेकर गया था। वहां के डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार वाले आरती को नया हरिद्वार कॉलोनी में बने देवभूमि अस्पताल ले गए। परिजनों का कहना है कि अस्पताल वालों ने पहले चालीस हजार रुपये मांगे और थोड़ी देर बाद फीस बढ़ाकर पैंसठ हजार कर दी।
इसी बीच ऑपरेशन किया गया लेकिन कुछ घंटों बाद ही आरती की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन रो पड़े और गुस्से में अस्पताल में तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने डॉक्टरों से बात करनी चाही लेकिन सभी डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल से भाग निकले। इसके बाद परिजन सड़क पर धरने पर बैठ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस ने किसी तरह महिला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन सवालों के घेरे में है और इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
