देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 के समापन समारोह में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने फाइनल मुकाबले में जीत हासिल करने वाली हरिद्वार एलमास टीम को ट्रॉफी प्रदान की और खेलों को लेकर कई अहम बातें साझा की। सीएम ने कहा कि इस बार जीत से चूकने वाले खिलाड़ी और टीमें निराश न हों। खेल में हार-जीत स्वाभाविक है लेकिन सबसे जरूरी है आपकी खेल भावना। मेहनत और लगातार आगे बढ़ने का जज्बा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल केवल शारीरिक विकास ही नहीं बल्कि मानसिक विकास और अनुशासन। टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। धामी ने कहा कि आज भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
सीएम ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने पुरूषों के साथ महिला खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया है। महिला टीमों ने इस लीग में अच्छा प्रदर्शन किया और भविष्य में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि अंडर 19 वर्ग में राज्य की बालिकाओं ने बीसीसीआई के तत्वाधान में दो बार चैम्पियन ट्रॉफी जीतकर गर्व दिलाया। राघवी बिष्ट, प्रेमा रावत और नंदनी कश्यप जैसी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही हैं।
धामी ने कहा कि यह सोचने की बात है कि उत्तराखंड के टैलेंट बाहर क्यों जा रहे हैं। कई खिलाड़ी आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन दूसरे राज्यों की टीमों से खेल रहे हैं। उन्होंने क्रिकेट एसोसिएशन से कहा कि उत्तराखंड की टीम देश में सबसे मजबूत बने और सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में लगातार काम कर रही है। इस साल राज्य में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में प्रमुख राज्यों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी राज्य में होने लगी हैं। सरकार शीघ्र आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना करने जा रही है। इन अकादमियों में हर साल 920 एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज जल्द स्थापित किया जाएगा। खेल नीति के तहत पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और मुख्यमंत्री खेल विकास निधि। खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों से प्रोत्साहन मिलेगा।
