चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में औली रोड पर बने आर्मी कैंप के एक स्टोर में अचानक आग लग गई, जिसके बाद पूरे कैंप में हड़कंप मच गया। तेज हवाओं की वजह से आग कुछ ही मिनटों में फैलने लगी और धुआं दूर से साफ दिखाई देने लगा।
सूचना मिलते ही सेना की फायर ब्रिगेड और जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए। स्टोर के भीतर रखा सामान बचाने का प्रयास तो चल रहा है, लेकिन लपटें इतनी तेज हैं कि काफी सामान जलकर नष्ट हो चुका है। काले धुएं का गुबार लगातार उठ रहा है, जिससे माहौल और ज्यादा डरावना लग रहा है।
कोतवाल देवेंद्र रावत ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे स्टोर में अचानक आग भड़की। बताया जा रहा है कि यहां पुराने और बेकार पड़े सामान को रखा गया था, जिसमें आग लगते ही लपटें तेज हो गईं और धुआं फैलने से लोग सहम गए।
आर्मी, आईटीबीपी और फायर सर्विस की टीम संयुक्त रूप से आग को नियंत्रित करने में लगी हुई है। करीब सौ जवान मौके पर तैनात हैं, लेकिन एक घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी आग पूरी तरह बुझ नहीं पाई है। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रुद्रप्रयाग के चोपता क्षेत्र में 28 दिसंबर को कूड़ा घर आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया था। इसके अगले दिन उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में दो मकान आग लगने से राख हो गए, जिसमें एक व्यक्ति के झुलसने की जानकारी मिली थी। 31 दिसंबर की सुबह नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल के गोदाम में भी आग लगी, जिसमें दोपहिया वाहन और स्टोर का सामान खाक हो गया। यह नैनीताल में तीन महीनों के भीतर तीसरी आग की घटना थी।
इस समय मौसम शुष्क होने की वजह से जंगल भी आग की चपेट में आ रहे हैं। अल्मोड़ा, चमोली और नैनीताल जिलों में कई जगह वनाग्नि दर्ज की गई है। चमोली के गोविंद घाट रेंज में लगी आग के बाद चारों ओर धुआं फैल गया था, जिसे वनकर्मियों ने काफी मेहनत के बाद नियंत्रण में लिया।
