मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में घटित एक बेहद पीड़ादायक घटना ने फिर दिखा दिया है कि मोबाइल पर बढ़ती लत और सामाजिक माध्यमों के बेकाबू इस्तेमाल से युवाओं का मन कितना तेजी से टूट रहा है। देहात क्षेत्र में रहने वाले 22 वर्ष के मनोज रजक ने अपने कमरे में सीधी प्रसारण के दौरान मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया, दोस्तों को सलाम किया और उसी क्षण अचानक पंखे से फंदा डालकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पूरा दृश्य कुछ ही पलों में लोगों के सामने प्रसारण होता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मनोज की मां का पहले ही देहांत हो गया था। पिता के दोबारा विवाह के बाद वह किराये के कमरे में अकेले रहता था। वह नल-जल जोड़ने का काम करता था और अपने कमरे से तैयार कपड़ों की बिक्री भी करता था। शांत स्वभाव होने के बावजूद वह अकेलेपन से घिरा रहता था, जो शायद उसके मन पर कहीं गहरा असर छोड़ रहा था।
मनोज के साथी शुभम रजक ने बताया कि प्रसारण में उसे फंदे से लटका देखकर वे रात लगभग साढ़े दस बजे उसके कमरे पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। साथियों ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की और पुलिस को खबर दी, पर चुनिंदा क्षणों में ही उसकी सांसें थम चुकी थीं।
घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर ऐसी भयावह कदम उठाने की वजह क्या थी। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और उसके सामाजिक माध्यमों पर किए गए मेसेज व बातचीत की जांच जारी है, ताकि यह समझा जा सके कि क्या वह किसी मानसिक दबाव में था या किसी और परेशानी से गुजर रहा था।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है। यह घटना फिर याद दिलाती है कि चमकती मुस्कुराहटों के पीछे दबे हुए दर्द, थकान और अकेलेपन को पहचानना कितना जरूरी है, क्योंकि कई बार टूटते मन की खामोशी सबसे तेज चीख होती है।

