दिल्ली पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है और एक अनोखी लूट के बारे में बताया है। यह लोग सिर्फ यात्रियों को लूटने के लिए एक प्राइवेट बस चलाते थे। करीब 2 महीने से यह वारदात लगातार हो रही थी।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है इसमें योगेश (41 साल), अरशद (46 साल) और प्रेम शंकर (28 साल) शामिल हैं। योगेश गिरोह का सरगना और बस का ड्राइवर था। अरशद और प्रेम शंकर कंडक्टर व हेल्पर बनकर यात्रियों पर हमला करते थे।
ये लोग आनंद विहार रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी के पास खड़े होकर यात्रियों को ललचाते थे। सिर्फ 30 रुपये में सेंट्रल या नॉर्थ दिल्ली तक छोड़ने का वादा करते थे। यात्री बस में बैठते ही सफर और लूट का खेल शुरू होता था।
बस दिल्ली मेरुत एक्सप्रेसवे पर पहुंचते ही ये यात्रियों को धमकाते, मारते और उनकी जेबें साफ कर देते। सब कुछ लूटने के बाद यात्रियों को सुनसान जगह पर उतार कर यह लोग भाग जाते थे। यह जानबूझकर रात या सुबह जल्दी बस निकलते थे ताकि पुलिस की नजर इन पर ना पड़े।
दिन में दो-तीन चक्कर लगाया जाता था। पीड़ितों की शिकायत तो के मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई डिप्टी कमिश्नर निधिन वल्सन की टीम ने लोकल जानकारी और पेट्रोलिंग से बस को ट्रैक किया। राजघाट के पास रेड लाइट पर बस रुकी तो पुलिस ने छापा मारा। उस वक्त भी बदमाश यात्रियों को लूट रहे थे।
तीनों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। बस जब्त कर ली गई और कुछ लूटी हुई रकम बरामद हुई।
पुलिस का कहना है कि यह लोग बस किराए पर लेकर चलाते थे। रोजाना 1500रुपए किराया देते थे
किराए से कमाई होती थी। साथ में रोज 1000 से ₹2000 लूट से भी आते थे। दो महीने में एक लाख रुपए से ज्यादा यह लोग कमा चुके थे। योगेश का पहले से क्रिमिनल रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ लूट, मारपीट और हथियार संबंधी मामले दर्ज हैं।
