मारा गया मासूम बच्ची को निवाला बनाने वाला गुलदार

शुक्रवार की शाम गोली लगने के बाद जंगल में भाग गया था गुलदार बागेश्वर सहयोगी। पिछले महीने 19 सितंबर को घर के बाहर खेल रही…

शुक्रवार की शाम गोली लगने के बाद जंगल में भाग गया था गुलदार

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बागेश्वर सहयोगी। पिछले महीने 19 सितंबर को घर के बाहर खेल रही नेपाली मूल की बच्ची पर हमला करने वाले गुलदार को शिकारी लखपत सिंह ने मार गिराया। यहां गुलदार द्वारा अलग अलग  स्थानों पर चार बच्चियों को अपना शिकार बनाने के बाद लोगों में काफी नाराजगी थी|
वन विभाग ने गुलदार का शव अड़ौली के जंगल से बरामद कर लिया है। गुलदार का शव शनिवार को सुबह वन विभाग मुख्यालय लाया गया जहां उसका पोस्टमार्टम किया जायेगा।
गुलदार अब तक चार बच्चियों को अपना निवाला बना चुका है। लगातार बढ़ रहे हमले को देखते हुये वन विभाग ने नदीगांव में शिकारी लखपत सिंह को तैनात किया हुआ था। कल देर रात घात लगाये बैठे शिकारी को कैमरे में गुलदार की धमक दिखायी दी। करीब दो घंटे तक नजर रखने पर आखिरकार गुलदार पर गोली चला दी गयी। गोली लगते ही गुलदार तेजी से भाग गया। गोली लगने के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका। नदी गांव से कुछ ही दूरी पर अड़ौली क्षेत्र में उसका शव बरामद कर लिया गया जिसे वन विभाग मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिये लाया गया है।
आपको बता दें कि इन दिनों बागेश्वर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक बना हुआ है। गुलदार के डर से रामलीला और नवरात्र में श्रद्धालुओं का आना जाना बेहद कम हो गया है। शहर में लोग दिन ढलने के बाद बाहर निकलने से बच रहे हैं।

खलसिनारी गांव से पहले नदी गांव में की गयी कार्यवाह

नदी गांव शहर से सटा हुआ इलाका है इसलिये यहां गुलदार की धमक से वन विभाग भी चिंतित था। हालांकि वन विभाग को पहले खलसिनारी गांव में गुलदार को मारने की अनुमति मिली थी लेकिन विभाग ने पहले नदी गांव के गुलदार को मारने की रणनीति बनायी। जिस पर उसे सफलता मिली। खलसिनारी गांव को छोड़कर विभाग ने नदी गांव के गुलदार को मारने के लिये सुरक्षा कारणों से भी चुना। इस रणनीति को गोपनीय रखा गया ताकि खलसिनारी के ग्रामीणों में नाराजगी पैदा ना हो। विभाग की रणनीति काम आयी और गुलदार मारा गया।