कोरोना इफेक्ट: पूजा—पाठ व दर्शन के लिए 30 जून तक बंद रहेंगे जागेश्वर मंदिर (Jageshwar Temple) के कपाट, श्रद्धालु ऑनलाइन करा सकेंगे पूजा—पाठ अनुष्ठान, पढ़ें पूरी खबर

Corona Effect: The doors of the Jageshwar temple will remain closed till June 30 for worship and reading अल्मोड़ा, 09 जून 2020विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर…

Corona Effect: The doors of the Jageshwar temple will remain closed till June 30 for worship and reading

अल्मोड़ा, 09 जून 2020
विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर (Jageshwar Temple) के कपाट पूजा—पाठ व दर्शन के लिए आगामी 30 जून तक बंद रहेंगे. एसडीएम, मंदिर प्रबंधन समिति व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बीच हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है.

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Jageshwar Temple
Jageshwar Temple

उप जिलाधिकारी जैंती/भनोली मोनिका की अध्यक्षता में जागेश्वर मंदिर (Jageshwar Temple) को दर्शन हेतु श्रद्धालुओं के लिए खोलने संबंधित एक बैठक तहसील कार्यालय गरुड़ाबाज में संपन्न हुई. बैठक में उपस्थित मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों व समस्त जनप्रतिनिधियों द्वारा एक सुर में कहा कि आगामी 30 जून तक श्री जागेश्वर मंदिर (Jageshwar Temple) के कपाट दर्शन व पूजा-पाठ हेतु ना खोले जाए.

इस दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी 30 जून तक मंदिर (Jageshwar Temple) में दर्शन पूर्ण रूप से वर्जित रहेंगे तथा 30 जून के बाद कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए आंकड़ों पर चर्चा कर आगामी जुलाई माह हेतु निर्णय लिया जाएगा.

ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से श्रद्धालुओं की पूजा—पाठ अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे. जिसके अंतर्गत जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की अधिकारिक वेबसाइट या दिए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से एक-दो दिन पूर्व में पूजाओं का पंजीकरण किया जा सकता है तथा पंजीकरण होने उपरांत धाम के पुजारियों द्वारा रोस्टर विधि से पूर्ण विधि-विधान के साथ यह पूजा की जाएंगी. बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी पूजा संपन्न नहीं कराई जाएगी. यदि कोई श्रद्धालु पुजारियों के माध्यम से भी पूजा कराना चाहते हैं तो उसके लिए संबंधित श्रद्धालु या पुजारी द्वारा रजिस्ट्रेशन कराया जाना आवश्यक होगा.

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जागेश्वर मंदिर (Jageshwar Temple) में होने वाले यज्ञोपवीत संस्कार व अन्य क्रियाकलाप आदि को स्थानीय स्तर पर अधिकतम 5 लोगों के साथ जिसमें वाहन चालक, पुजारी, व तीन परिवार के सदस्यों के साथ मंदिर समिति से 2 या 3 दिन पूर्व अनुमति व पंजीकरण कराने बाद संपन्न कराया जा सकता है. इसके लिए एक न्यूनतम धनराशि का भुगतान किया जाना होगा.

इस दौरान यह निर्णय भी लिया गया कि यज्ञोपवीत करने वाले श्रद्धालुओं के साथ पुजारी उपलब्ध ना होने पर पुजारी की व्यवस्था जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा की जाएगी जिस हेतु श्रद्धालुओं को संबंधित पुजारी को भुगतान किया जाएगा. इसके अंतर्गत दैनिक आधार पर कराए जाने वाले यज्ञोपवीत संस्कारों की संख्या लिमिटेड की जाएगी.

उप जिलाधिकारी मोनिका ने बताया कि उक्त प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए जिलाधिकारी को भेजा गया है.

बैठक में उप जिलाधिकारी मोनिका के अलावा नायब तहसीलदार भनोली, प्रबंधक जागेश्वर, मंदिर प्रबंधन समिति, पुजारी प्रतिनिधि, जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, पूर्व उपाध्यक्ष, जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, राजस्व उप निरीक्षक कोटुली व भगरतोला ग्राम प्रधान फुलई जागेश्वर, मंतोला गूंठ, काना, कुंजा गूठं, कोटुली गंधक के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य मंतोला व ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख आदि मौजूद थे.