लोक प्रबंध विकास संस्था द्वारा संसाधन पंचायत संगठन के पदाधिकारियों,पंचायत प्रतिनिधियों, वन पंचायत सरपंचों तथा विभिन्न विभागों के बीच संवाद बैठक का आयोजन किया गया।
ईनाकोट में आयोजित इस बैठक में प्रतिभागियों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन व सेनेटरी पैड में गुणवत्ता की कमी को पुरजोर ढंग से उठाया।
इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला में मरीजों के सम्मुख आ रही समस्याओं, दूरस्थ क्षेत्रों में ए.एन.एम. व सी.एच.ओ. का आउटरीच सुनिश्चित किए जाने, आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति तथा जंगली जानवरों की समस्या से निजात दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉक्टर दिनेश पांडे द्वारा उनके विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके आवेदन की प्रक्रिया एवं इस हेतु ध्यान देने योग्य जरूरी बातों की जानकारी दी गई। उन्होंने टेक होम राशन व सैनेटरी पैड की गुणवत्ता की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
लोक प्रबंध विकास संस्था के संचालक ईश्वर जोशी ने उनकी संस्था द्वारा 10 ग्राम पंचायत में किए गए केएपी अध्ययन को साझा करते हुए बताया कि आज भी 97% महिलाएं माहवारी के दौरान दूध, दही, घी, दूध वाली चाय का सेवन नहीं करती हैं। उनके लिए इस दौरान मिर्च, अदरख, हल्दी, गडेरी व अन्य सब्जियों की खेतों तथा जल स्रोतों के पास जाने की मनाई है।
इस दौरान महिलाओं के अशुद्ध होने तथा उसके छूने से सब्जी के पौधों के सूख जाने की गलत मान्यता समाज में जड़ जमाये हुए है।
उन्होंने समाज में फैले इन अंधविश्वासों एवं अवैज्ञानिक मान्यताओं को तोड़ने की वकालत की।
चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शिवम ने स्वस्थ रहने हेतु उचित खान-पान एवं रहन-सहन के तौर तरीकों की जानकारी दी।
वन दरोगा हरेंद्र सतपाल ने बताया कि मानव वन्य जीव संघर्ष से निपटने हेतु वन विभाग द्वारा बंदरों की नसबंदी, फसल व पशु क्षति मुआवजा, कृषि भूमि घेराबंदी मोशन सेंसर अलार्म जैसे प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण तथा पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण हेतु सहयोग करने की अपील की।
कनिष्ठ प्रमुख निर्मल नयाल ने इस तरह के संवाद को महत्वपूर्ण बताते हुए उनमें निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
क्षेत्रीय संसाधन पंचायत की अध्यक्ष पूजा बिष्ट ने जंगली जानवरों की समस्या उठाई जबकि उषा बिष्ट ने पीएसी ताकुला की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया गया।
बैठक को दीपा देवी, योगिता आर्या, चंदन सिंह बिष्ट, ठाकुर सिंह, चंपा मेहता, हेमा देवी, भगवती देवी, चंदू लाल, अशोक भोज, रीता लोहनी, रेनू आर्या आदि के द्वारा संबोधित किया। संचालन दीप्ति भोजक ने किया।

