अल्मोड़ा में सफाई कर्मचारियों ने लगाया सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप,आमरण अनशन जारी

अल्मोड़ा। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ शाखा नगर निगम अल्मोड़ा) ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी और लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन…

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अल्मोड़ा। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ शाखा नगर निगम अल्मोड़ा) ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी और लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग उठाई है। इधर देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव महामंत्री राजपाल पवार का आमरण अनशन दो दिन से जारी है।

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संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2021 में संगठन और प्रदेश सरकार के मध्य हुए समझौते के बाद भी सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। विनियमितीकरण नियमावली में कट-ऑफ डेट के संशोधन समेत ठेका प्रथा को समाप्त करने के लिए सरकार से अनगिनत बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन शासन स्तर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शासन की इस अनदेखी से क्षुब्ध होकर संघ ने 18 जून 2026 से ही प्रदेशव्यापी आंदोलन का मन बना लिया था और अब मांगों पर त्वरित कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और तेज करने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।


ये है सफाई कर्मचारियों की 7 सूत्रीय मांगें:
ठेका प्रथा की समाप्ति: सफाई कार्य में व्याप्त ठेका प्रथा को पूरी तरह बंद कर कार्यरत ठेका कर्मियों को नियमित किया जाए अथवा संविदा में समायोजित कर समान कार्य-समान वेतन दिया जाए।


नियमावली में संशोधन: विनियमितीकरण नियमावली 2025 में कट-ऑफ डेट 2018 को संशोधित कर वर्ष 2024-25 किया जाए, ताकि मोहल्ला स्वच्छता समिति और आउटसोर्स कर्मियों को नियमित किया जा सके।


मालिकाना हक: निकायों द्वारा आवंटित आवासों में कई पीढ़ियों से रह रहे पर्यावरण मित्रों को वर्ष 2016 के शासनादेश के अनुरूप मालिकाना हक प्रदान किया जाए।
रयाल कमेटी की सिफारिशें: वर्ष 2021 में गठित रयाल कमेटी की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से राज्य में लागू किया जाए।
मृतक आश्रित नियमावली: सफाई कर्मचारी का विशेष पद घोषित करते हुए मृतक आश्रित नियमावली में शिथिलता बरती जाए और ऐसे परिवारों में प्राथमिकता से नियुक्ति दी जाए।
पुरानी पेंशन की बहाली: नई पेंशन योजना (NPS) को बंद करके पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाए।
पदोन्नति: वर्षों से कार्यवाहक पर्यावरण पर्यवेक्षक और कनिष्ठ सहायक लिपिक के पदों पर सेवा दे रहे पर्यावरण मित्रों को पदोन्नति दी जाए।
पार्षद भूपेंद्र जोशी,विकास कुमार,रोहित कार्की वैभव पाण्डे,प्रदीप,नवीन आर्य,दीपक कुमार,रोहित,मुकेश कुमार,अनूप,विकास कुमार ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए सरकार से अविलंब उनकी मांगो पर कार्रवाही करने की मांग की है।

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