देहरादून। उत्तराखण्ड में एक तरफ जहां मैदानी इलाके भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) से तप रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्वतीय क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों का बेहद संवेदनशील अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून (IMD) द्वारा शुक्रवार 22 मई 2026 की दोपहर को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के 7 पहाड़ी और मैदानी जनपदों में तेज अंधड़, आकाशीय बिजली चमकने और भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना जताई गई है। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए आपदा प्रबंधन टीमों और आम जनता को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग का यह अलर्ट शुक्रवार 22 मई 2026 की दोपहर 1:55 बजे से शनिवार 23 मई 2026 की दोपहर 1:55 बजे तक यानी अगले 24 घंटों के लिए प्रभावी रहेगा। इस समयावधि के दौरान चिन्हित जनपदों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं।
इन 7 जनपदों और संवेदनशील इलाकों में रहेगा असर
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी सैटेलाइट मैप और चेतावनी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के निम्नलिखित जनपदों और उनके प्रमुख संवेदनशील क्षेत्रों में मौसम का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा:
- प्रभावित जनपद: बागेश्वर, चमोली, देहरादून (पर्वतीय क्षेत्र), पिथौरागढ, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी।
- प्रमुख संवेदनशील क्षेत्र: सोनप्रयाग, जोशीमठ, मुनस्यारी, केदारनाथ, कपकोट, डोईवाला, देवप्रयाग, गंगोत्री तथा इनके आस-पास के सभी पर्वतीय इलाके।
प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन, सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) और ओलावृष्टि से फसलों व वाहनों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के भवनों में ही शरण लें और ऊंचे पेड़ों, कच्चे मकानों या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। विशेषकर चारधाम यात्रा रूट (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री) पर सफर कर रहे यात्रियों को मौसम की पल-पल की अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की हिदायत दी गई है। उत्तराखंड की अन्य मुख्य खबरों के लाइव अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें।

