अल्मोड़ा। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय व सामाजिक समावेशन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से डाक विभाग ने अपनी सेवाओं को अधिक जनोन्मुखी बनाने की कवायद तेज कर दी है।
उत्तराखण्ड मंडल की मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी कुजूर ने ने बीते दिवस यानि कल 22 मई कोअल्मोड़ा प्रधान डाकघर के निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के शाखा डाकपालों (BPMs) के साथ एक संवादात्मक बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि डाकघर केवल चिट्ठियां बांटने का केंद्र नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण जनता तक केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने का सबसे सशक्त और विश्वसनीय माध्यम हैं।
अधीक्षक डाकघर अल्मोड़ा मंडल जे.एस. बोरा ने बताया कि बैठक के दौरान मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने जिले के ग्रामीण शाखा डाकघरों के कार्यों और उनके अब तक के प्रदर्शन की गहन समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्य प्राप्ति, सेवा की गुणवत्ता में सुधार और डाकघरों के सुचारू संचालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी कर्मचारियों का आह्वान किया कि विभाग के मूल मंत्र “डाक सेवा, जन सेवा” को पूरी निष्ठा के साथ अपने दैनिक व्यवहार में उतारें ताकि दूरस्थ अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और विश्वसनीय सेवाएं मिल सकें।
क्षेत्रीय चुनौतियों और नेटवर्क समस्याओं पर हुआ सीधा संवाद
बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से आए शाखा डाकपालों ने पहाड़ों में काम करने के दौरान आने वाली अपनी क्षेत्रीय चुनौतियों, तकनीकी दिक्कतों और नेटवर्क संबंधी समस्याओं को मुख्य पोस्टमास्टर जनरल के सामने खुलकर रखा। इस पर उन्होंने सकारात्मक चर्चा करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन और समाधान के निर्देश दिए।
इस संवाद कार्यक्रम में सहायक अधीक्षक डाकघर (भ्रमण) सुमित कुमार सिंह फर्त्याल, डाक निरीक्षक सी. पी. थपलियाल, आयुष पाण्डेय, देव सिंह पांगती सहित अल्मोड़ा मंडल के तमाम डाक कर्मचारी व अधिकारी उपस्थित रहे।
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