जनपद में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। ताजा मामला शहर के कर्बला क्षेत्र का है, जहां कब्रिस्तान के पास हो रहे अवैध निर्माण पर उपजिलाधिकारी (SDM) की सख्ती के बाद अतिक्रमणकारी ने खुद ही अपने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
7 दिन के ‘अल्टीमेटम’ ने दिखाया असर
उपजिलाधिकारी संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को कर्बला क्षेत्र में कब्रिस्तान के पास अवैध निर्माण किए जाने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में निर्माण पूरी तरह अवैध पाए जाने पर, प्रशासन ने बिना देरी किए निर्माणकर्ता को नोटिस थमा दिया। इस नोटिस में साफ चेतावनी दी गई थी कि 7 दिन के भीतर अतिक्रमण खुद हटा लें, अन्यथा प्रशासन जबरन कार्रवाई करेगा।
बुलडोजर चलने से पहले ही पीछे हटे कदम
प्रशासन द्वारा दिए गए अल्टीमेटम का असर यह हुआ कि निर्माणकर्ता ने तय समय सीमा के भीतर खुद ही अवैध निर्माण को हटाना शुरू कर दिया। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि नोटिस के बाद अतिक्रमणकारी ने स्वयं ही निर्माण ध्वस्त कर दिया है, जिससे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और अतिक्रमण भी साफ हो गया।
अवैध निर्माण किया तो खैर नहीं: प्रशासन
उपजिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण या किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण से बचें, अन्यथा प्रशासन नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई अमल में लाएगा।



