दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस की सड़कों पर आपने कई तरह के कलाकारों को देखा होगा। इन्हीं के बीच एक शख्स ऐसा भी है जो सिर से लेकर पैर तक गोल्डन रंग में रंगा होता है और सड़क किनारे घंटों तक एक मूर्ति की तरह खड़ा रहता है।
लोग आते हैं, उसके साथ सेल्फी लेते हैं, कुछ पैसे देते हैं और चले जाते हैं। लेकिन इस जिंदा स्टैच्यू के पीछे 28 वर्षीय रजनीश की एक ऐसी दर्दभरी कहानी छिपी है जिसे सुनकर आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी।
15 लाख का घाटा और दोस्त का वो धोखा
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले और फिलहाल दिल्ली में रह रहे रजनीश का जीवन हमेशा से ऐसा नहीं था। वे पहले एक ठेकेदार के तौर पर काम करते थे, लेकिन उन्हें बिजनेस में 15 से 20 लाख रुपये का भारी घाटा हुआ और उनकी पूरी जिंदगी पलट गई। संकट यहीं खत्म नहीं हुआ। रजनीश के सोशल साइट इंस्टाग्राम के अकाउंट में लाखों फॉलोअर्स थे। उनके ही एक करीबी दोस्त ने उनके साथ धोखा किया और वह अकाउंट डिलीट कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई स्टैच्यू मैन की कहानी
इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट होने के बाद इस गुमनाम कलाकार की कहानी रातों रात इंटरनेट पर वायरल हो गई है। लाखों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं जिसमें रजनीश के संघर्ष को बयां किया गया है। रजनीश साल 2019 से यही काम कर रहे हैं और वे अपने घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य हैं। अपने काम के लिए वे रोज 80 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके कनॉट प्लेस पहुंचते हैं।
12 घंटे की तपस्या और महज 200 रुपये की कमाई
चाहे दिल्ली की झुलसाने वाली गर्मी हो, कड़ाके की ठंड हो या फिर भारी बारिश, रजनीश लगातार 12 घंटे तक एक मूर्ति की तरह बिना हिले डुले सड़क पर खड़े रहते हैं। ऐसा करने से उनके पैरों में भयंकर दर्द होता है। इसके साथ ही शरीर पर जो गोल्डन पेंट वे लगाते हैं, उसके केमिकल्स की वजह से उन्हें त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियां भी होती हैं।
इतनी भारी तपस्या और शारीरिक कष्ट झेलने के बावजूद किसी किसी दिन उनकी कमाई महज 200 रुपये ही हो पाती है। रजनीश की यह कहानी दिखाती है कि लोग अपने परिवार का पेट पालने के लिए किस तरह से संघर्ष कर रहे है।


