अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक खुली और विनाशकारी धमकी दी है कि अगर उसने तय डेडलाइन से पहले अमेरिका के साथ डील नहीं की तो पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है। ट्रंप की इस डील के मुताबिक ईरान को दुनिया भर की 20 फीसदी तेल सप्लाई वाले होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलना होगा। ट्रंप की यह अल्टीमेटम वाली डेडलाइन मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5.30 बजे) खत्म हो रही है।
इस बीच कूटनीतिक बातचीत में भी भारी दिक्कतें सामने आ रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ईरान में संचार व्यवस्था ठप होने के कारण वहां तक संदेश पहुंचाने और जवाब आने में औसतन एक दिन का समय लग रहा है जिससे बिना सीजफायर के ठोस प्रगति संभव नहीं है।
व्हाइट हाउस में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ चेयरमैन जनरल डान केन के साथ एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ट्रंप ने अपने इरादे साफ कर दिए। इस दौरान उन्होंने दक्षिणी ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी एफ 15 लड़ाकू विमान के दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकालने के रेस्क्यू मिशन की जमकर तारीफ की और इसे बहादुरी भरा कदम बताया। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को पाषाण युग (स्टोन एज) में भेजने की अपनी चेतावनी को फिर दोहराया और कहा कि उनके पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा।
ट्रंप की इस विनाशकारी धमकी के बावजूद ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी समझौते की संभावना से इनकार कर दिया है। ईरान ने अमेरिका के अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने की मांग रखी है।
अपनी आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए के जरिए ईरान ने मांग की है कि उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में उसका सहयोग किया जाए और हमलों से तबाह हुए उसके नागरिक ढांचों के पुनर्निर्माण में मदद की जाए। इसके साथ ही ईरान ने इजराइल और अन्य पड़ोसी इलाकों पर अपने मिसाइल हमले भी जारी रखे हैं।
हालांकि ट्रंप ने माना कि ईरान के नेता अच्छी नीयत से बातचीत कर रहे हैं लेकिन नतीजा अब भी अनिश्चित है। ट्रंप ने आगे की रणनीति का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि उनके पास सबसे बेहतरीन प्लान है जिसे वह मीडिया को नहीं बताएंगे।
ईरान के बुनियादी ढांचों को जानबूझकर तबाह करने की ट्रंप की धमकियों पर कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है। हालांकि ट्रंप ने साफ कहा कि वह इसे लेकर बिल्कुल चिंतित नहीं हैं और उनका मानना है कि ईरान की जनता आजादी के लिए ये कष्ट सहने को तैयार होगी। इसके अलावा ट्रंप ने इस युद्ध में मदद न करने के लिए अपने प्रमुख सहयोगियों पर भी जमकर भड़ास निकाली।
उन्होंने नेटो पर निशाना साधते हुए इसे कभी न मिटने वाला दाग बताया और यहां तक कह दिया कि अमेरिका को ब्रिटेन या दक्षिण कोरिया की कोई जरूरत नहीं है। अमेरिकी सेना के आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका ईरान पर 13 हजार से ज्यादा हमले कर चुका है।

