अगर आप पनीर पसंद करते हैं तो यह खबर सचमुच चौंकाने वाली है। गुजरात के सूरत में फूड विभाग ने पांडेसरा क्षेत्र में एक ऐसी यूनिट पकड़ ली है, जहां दूध नहीं बल्कि खतरनाक केमिकल और घटिया तेल मिलाकर पनीर जैसा ज़हरीला पदार्थ तैयार किया जा रहा था।
जांच के बाद लैब रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री में मिलने वाला यह पदार्थ क्वालिटी के मानकों से काफी नीचे है और सीधे सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है। अधिकारियों के अनुसार, असली पनीर की जगह यहां ‘एनालॉग पनीर’ बनाया जा रहा था, जिसमें प्राकृतिक दूध की वसा की जगह पामोलिन ऑयल, मिल्क पाउडर जैसे घटक मिलाए जा रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि दूध जमाने के लिए नींबू या सामान्य एसिड की बजाय फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाला इंडस्ट्रियल एसिड डाला जा रहा था।
डॉक्टरों ने चेताया है कि इस तरह के नकली पनीर का सेवन किडनी फेल होने से लेकर कोलन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। जांच में यह भी सामने आया कि इस गोरखधंधे के पीछे मुख्य आरोपी करीब दो वर्षों से सक्रिय था। उसने महाराष्ट्र के एक पते पर एफएसएसएआई लाइसेंस बनवाया हुआ था और 28 लाख रुपये की मशीनें लगाकर रोज करीब 400 किलो तक नकली पनीर तैयार करता था।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह जहरीला पनीर बेहद सस्ती कीमत पर बाजार में बेचा जा रहा था। जहां असली पनीर का दाम 380 रुपये प्रति किलो से ऊपर है, वहीं यह गिरोह इसे सिर्फ 180 से 220 रुपये किलो में छोटी डेयरियों, ठेलों और सस्ते होटलों में सप्लाई कर रहा था।
रिपोर्ट सामने आते ही प्रशासन ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है और आगे भी सख्त कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।

