। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ कर्मचारियों के लिए कामकाज के नियम बदल गए हैं। केंद्र सरकार ने पुराने 40 से अधिक श्रम कानूनों को खत्म कर चार नए लेबर कोड्स लागू कर दिए हैं। इन्हें संसद से मंजूरी मिलने के बाद 21 नवंबर 2025 को नोटिफाई किया गया था और अब ये पूरी तरह से लागू हो गए हैं।
नए कानूनों के तहत कर्मचारियों की छुट्टी, सैलरी, पीएफ योगदान और काम के घंटे प्रभावित होंगे। अब कर्मचारियों की अधिकतम 30 अर्न्ड लीव ही अगले साल के लिए कैरी फारवर्ड होगी। इसके अलावा, साल के अंत में 30 दिन से अधिक छुट्टियों का इनकैशमेंट करना अनिवार्य होगा, ता
कि कोई भी छुट्टी बेकार न हो।
कर्मचारियों की सुविधा के लिए यह भी प्रावधान है कि यदि छुट्टी आवेदन मंजूर नहीं होता, तो इसे बिना सीमा के अगले साल के लिए कैरी फारवर्ड किया जा सकेगा।
काम के घंटे पहले की तरह 8 घंटे प्रतिदिन और 48 घंटे प्रति सप्ताह ही रहेंगे, लेकिन अब फ्लेक्सिबल वर्किंग कल्चर पर जोर दिया गया है। ओवरटाइम के मामले में भी सुधार किया गया है, जिससे कर्मचारी अतिरिक्त काम के लिए अधिक वेतन अर्जित कर सकेंगे।

