दुनिया के बड़े-बड़े युद्धों के बीच, एक आम आदमी का अपनी घरेलू कलह से जीतने का यह अनोखा ‘युद्ध’ अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दुनिया भर में लोग अच्छी पत्नी और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए ईश्वर से मन्नतें मांगते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 25 वर्षीय युवक अपनी पत्नी की कलह से इस कदर परेशान था कि उसने उससे छुटकारा (तलाक) पाने के लिए मंदिर में मन्नत मांग ली। जब उसे सच में तलाक मिल गया, तो उसने अपनी मन्नत पूरी करते हुए 9 किलोमीटर की कठिन दंडवत यात्रा की। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि युवक की इस अनोखी यात्रा में पुलिस-प्रशासन भी साझीदार बना और बकायदा सुरक्षा मुहैया कराई गई।
रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर मांगी थी मन्नत
जानकारी के अनुसार, मामला बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के नरखोरिया गांव का है। गांव के रहने वाले 25 वर्षीय जोगेश की शादी के बाद से ही घर में भारी तनाव और कलह का माहौल था। रोज-रोज के विवादों से आजिज आकर जोगेश ने स्थानीय सिद्ध पीठ बैरवा मंदिर में माथा टेककर पत्नी से तलाक दिलाने की प्रार्थना की थी। उसने भगवान के सामने प्रण लिया था कि यदि उसे तलाक मिल गया, तो वह अपने घर से मंदिर तक 9 किलोमीटर की दंडवत (जमीन पर लोटते हुए) यात्रा करेगा।
तलाक मिला, लेकिन मंदिर में लग गई निषेधाज्ञा
कोर्ट-कचहरी की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार पिछले साल जोगेश को अपनी पत्नी से कानूनी तौर पर तलाक मिल गया। मन्नत पूरी होने की खुशी में जब जोगेश ने दंडवत यात्रा की तैयारी शुरू की, तो एक नई अड़चन आ गई। पता चला कि किसी कारणवश मंदिर क्षेत्र में प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है और वहां प्रवेश बंद है।
एसडीएम से लगाई गुहार, पुलिस ने दी सुरक्षा
मन्नत पूरी न कर पाने से परेशान जोगेश ने भानपुर के एसडीएम हिमांशु कुमार के दफ्तर के कई चक्कर लगाए। युवक की परेशानी और मन्नत को देखते हुए आखिरकार एसडीएम ने उसे गांव से मंदिर तक 9 किलोमीटर की यात्रा करने की विशेष अनुमति दे दी। साथ ही, एसडीएम के निर्देश पर थाना प्रभारी महेश सिंह ने युवक की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी।
12 घंटे तक भूखे-प्यासे सड़क पर लोटता रहा युवक
अनुमति मिलने के बाद 28 मार्च को जोगेश ने अपनी यात्रा शुरू की। सुबह-सुबह बिना अन्न-जल ग्रहण किए जोगेश ने सड़क पर दंडवत लोटना शुरू किया। वह जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ता रहा और दो पुलिसकर्मी किसी भी खतरे से बचाने के लिए उसके दोनों तरफ पैदल चलते रहे। करीब 12 घंटे की इस कठिन यात्रा के बाद जोगेश ने मंदिर पहुंचकर अपना माथा टेका।

