नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि विधान के साथ उपासना की जाती है। चैत्र मास की प्रतिपदा से शुरू हुआ यह पावन पर्व अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ नवरात्रि का समापन माना जाता है। धार्मिक मान्यता यह भी है कि कन्या पूजन किए बिना नवरात्रि व्रत का फल पूर्ण नहीं माना जाता, इसलिए इन दो तिथियों को लेकर भक्तों में हमेशा विशेष उत्सुकता रहती है। इसी क्रम में ज्योतिषाचार्य पं. राकेश झा ने इस वर्ष की अष्टमी और नवमी की तिथि तथा कन्या पूजन के शुभ समय की जानकारी साझा की है।
नवरात्रि के अंतिम दो दिनों में कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। कई श्रद्धालु अष्टमी को यह अनुष्ठान करते हैं, जबकि कुछ लोग नवमी के दिन कन्याओं को भोजन करवाकर पूजन संपन्न करते हैं। कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
अष्टमी कन्या पूजन – 26 मार्च 2026, गुरुवार
नवमी कन्या पूजन – 27 मार्च 2026, शुक्रवार
पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1:51 बजे आरंभ होकर 26 मार्च सुबह 11:49 बजे तक रहेगी। उदया तिथि को मानते हुए चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च गुरुवार को मनाई जाएगी। अष्टमी का व्रत रखने वाले इसी दिन कन्या पूजन कर सकेंगे।
नवमी तिथि 26 मार्च सुबह 11:50 बजे से शुरू होकर 27 मार्च सुबह 10:08 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार नवमी पूजन 27 मार्च शुक्रवार को किया जाएगा। शास्त्रों में सूर्योदय के समय चल रही तिथि को ही सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
कन्या पूजन का शुभ समय: अष्टमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:49 बजे तक है, इसलिए अष्टमी वाले भक्तों को इसी समय के भीतर कन्या पूजन पूरा कर लेना चाहिए। वहीं, जो श्रद्धालु नवमी तिथि में कन्या पूजन करते हैं, वे 27 मार्च को सुबह 10:08 बजे से पहले अनुष्ठान पूरा कर लें, क्योंकि इसके बाद दसवीं तिथि शुरू हो जाएगी।

