पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को देश में एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा स्थिति पर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआती घबराहट के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं और इसी का असर बुकिंग के आंकड़ों में देखने को मिला है।
आंकड़ों के अनुसार 14 मार्च को करीब 77 लाख घरेलू गैस सिलेंडर बुक किए गए, जबकि 13 मार्च को यह संख्या 88.8 लाख रही थी। सरकार अब उपभोक्ताओं को एलपीजी की जगह पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत कंपनियां ग्राहकों को फ्री गैस, रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट और सिक्योरिटी डिपॉजिट में राहत जैसे ऑफर दे रही हैं।
दिल्ली एनसीआर में सेवाएं देने वाली इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड 31 मार्च से पहले कनेक्शन लेने पर 500 रुपये की मुफ्त गैस दे रही है। वहीं महानगर गैस लिमिटेड घरेलू पीएनजी कनेक्शन पर 500 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ कर रही है और कमर्शियल कनेक्शन पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का सिक्योरिटी डिपॉजिट भी खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा गेल गैस लिमिटेड भी घरेलू कनेक्शन लेने वालों को 500 रुपये की फ्री गैस दे रही है, जबकि बीपीसीएल ने सभी कमर्शियल पीएनजी कनेक्शन पर सिक्योरिटी डिपॉजिट पूरी तरह हटा दिया है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि देश में कहीं भी गैस सप्लाई बाधित नहीं है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर ड्राई आउट जैसी स्थिति नहीं बनी है। ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत भी बढ़कर करीब 87 फीसदी तक पहुंच गया है, जो पहले 84 फीसदी था। एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर में बदलाव के तहत जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने के लिए देशभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाकर हालात पर नजर रखी जा रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे बेवजह घबराकर बुकिंग न करें और गैस बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
