मानसखंड में हुई वैज्ञानिक चेतना और क्लाइमेट चेंज पर चर्चा, पौधरोपण भी किया

अल्मोड़ा:मानसखंड में आयोजित एक कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन और वैज्ञानिक चेतना पर विचार विमर्श किया गया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा के सात सदस्य वैज्ञानिक…

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अल्मोड़ा:मानसखंड में आयोजित एक कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन और वैज्ञानिक चेतना पर विचार विमर्श किया गया।

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भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा के सात सदस्य वैज्ञानिक चेतना और क्लाइमेट चेंज पर चर्चा करने व वृक्षारोपण कार्यक्रम केंद्र के वैज्ञानिक साथियों के साथ करने हेतु स्यालीधार  स्थित मानसखंड विज्ञान केंद्र पहुुंचे जहां वैज्ञानिक डॉ. जीसी एस नेगी व उनके सहयोगियों वैज्ञानिकों द्वारा उनका स्वागत किया गया।


डाँ. नेगी द्वारा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सभी सदस्यों को केंद्र की वर्तमान व भविष्य के कार्यक्रमों से अवगत कराया और बताया कि विज्ञान केंद्र का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं में विज्ञान के प्रति रोचकता/ जागरूकता बढ़ाना साथ ही विज्ञान के छात्रों में आकर्षण पैदा करना। डॉ नेगी के बताया कि जल्दी ही इस विज्ञान केंद्र को बने 2 वर्ष पूरे होने वाले हैं
और अभी तक केंद्र में अल्मोड़ा जिले के अलावा गढवाल मंडल से भी विधार्थियों के दल यहां भ्रमण हेतु आ चुके हैं ।


उन्होंने कहा कि यह कहा जा सकता है कि धीरे धीरे मानसखंड विज्ञान केंद्र छात्रों व पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है । डॉ नेगी ने बताया कि अभी तक करीब पांच हज़ार छात्रों छात्राओं ने विज्ञान केंद्र का भ्रमण किया है ।


भारत ज्ञान विज्ञान समिति की जिला अध्यक्ष व राज्य उपाध्यक्ष प्रो. विजया रानी ढोंडियाल ने भारत ज्ञान विज्ञान समिति की अवधारणा व क्रियाकलापों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया और बताया कि मानसखंड विज्ञान केंद्र का किस तरह समाज में वैज्ञानिक संचेतना फैलाने के लिए सहयोग लिया जा सकता है।


पौधरोपण में मानसखंड विज्ञान केंद्र व भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सदस्यों के सहयोग किया। विभिन्न फलों की प्रजातियों के करीब 25 पौधों का रोपण किया गया सभी ने उत्साह से इसमें प्रतिभाग किया। पौधों में आड़ू ,खुबानी , प्लम ,तिमिल ,अमरूद ,नींबू , लुकाट,पारिजात व कई अन्य पौधों का रोपण खूबसूरत मानसखंड विज्ञान परिसर में किया गया।
तत्पश्चात भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सदस्यों ने केंद्र के विभिन्न विज्ञान प्रभागों का दर्शन किया जिसमें
इंटरैक्टिव लर्निंग के लिए समर्पित अनुभाग, जिनमें “जलवायु परिवर्तन,” “पारंपरिक चिकित्सा,” और “मनोरंजक विज्ञान” शामिल हैं।
अंतःक्रियात्मक प्रदर्शनियाँ: सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए भौतिकी, भूविज्ञान और जीव विज्ञान को कवर करने वाले व्यावहारिक मॉडल।
आउटडोर साइंस पार्क: प्राकृतिक, खुले वातावरण में सीखने के लिए डिज़ाइन किए गए आकर्षक प्रदर्शन।
तारामंडल: एक पोर्टेबल तारामंडल जो अंतरिक्ष शिक्षा का गहन अनुभव प्रदान करता है।

पारंपरिक स्वास्थ्य: जिसमें एलोपैथिक, होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति व जड़ी बूटियों के प्रभाव को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है।


इस उद्देश्य पूर्ण कार्यक्रम भारत ज्ञान विज्ञान समिति के पर्यावरण प्रभारी सेवानिवृत शिक्षक शंकर दत्त भट्ट, राज्य उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी, राज्य सचिव नीरज पंत, जिला प्रेस प्रभारी नरेंद्र सिंह पाल, समता संयोजिका सुश्री भगवती गुसाईं व जिला सदस्य दिनेश पांडे व मानसखंड विज्ञान केंद्र के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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