पबागेश्वर के झिझाड़ में शादी की रौनक देखकर लौट रहे दो परिवारों की हंसी-ठिठोली दिल्ली की सरहद छूने के सपने बुन रही थी, तभी गुरुवार शाम करीब 5:05 बजे बसोली के पास चुराड़ी बैंड पर मौत ने अपना खूनी पंजा मार दिया। दिल्ली नंबर की मारुति ब्रेजा (DL-9CBH-8402) अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में क्या गिरी, देखते ही देखते तीन जिंदगियां काल के गाल में समा गईं।
मासूम रोहन की किलकारी खाई में दफन
हादसे की खबर मिलते ही सोमेश्वर और ताकुला पुलिस की टीमें मौके पर दौड़ीं, लेकिन तब तक कुदरत अपना क्रूर खेल खेल चुकी थी। महेश आर्या की गोद उस वक्त सूनी हो गई जब उनके 11 माह के बेटे रोहन की सांसें टूट गईं। जिसने भी सुना उसकी रूह कांप गई कि अभी जिस बच्चे ने ठीक से दुनिया भी नहीं देखी थी, वह सिस्टम की बदहाल सड़क की भेंट चढ़ गया। हादसे में रोहन के अलावा कांडे निवासी मंजू देवी (44) और दिनेश चंद्र (50) की भी दर्दनाक मौत हो गई।
अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग
गाड़ी को दिल्ली निवासी अर्जुन कुमार चला रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ‘नजीर’ पेश करते हुए पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू किया और मलबे में तब्दील हो चुकी कार से 5 घायलों को बाहर निकाला, जिनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
घायलों का विवरण:
जया देवी (25): पत्नी महेश, निवासी बागेश्वर।
महेश आर्य (25): पुत्र जसवंत, निवासी थपनिया (अल्मोड़ा)।
गोपाल आर्य (50): पुत्र शेर राम, निवासी कांडे (ताकुला)।
संजय (21): निवासी कांडे, ताकुला।
अर्जुन कुमार (36): पुत्र केशव राम, निवासी दिल्ली (चालक)।
