हरिद्वार में देर रात एक दो साल की बच्ची को अगवा करने की कोशिश पुलिस की तेजी के कारण सफल नहीं हो पाई। अंधेरा होते ही एक युवक बच्ची को उसकी मां के पास से उठा ले गया था, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे शहर में ऐसी घेराबंदी की कि आरोपी के लिए भाग निकलना मुश्किल हो गया। दबाव बढ़ते ही वह घबराया और ऋषिकुल तिराहे के पास बच्ची को छोड़कर वहां से भाग गया। इसके बाद मायापुर चौकी में नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार हरिद्वार में तुलसी चौक के पास फुटपाथ पर मां-बेटी सो रहे थे। उसी दौरान एक अजनबी युवक ने मौका पाकर मासूम को गोद में उठा लिया और वहां से निकल गया। बच्ची गायब होने की खबर मिलते ही पुलिस तेजी से हरकत में आई। अपहरण का मामला दर्ज कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और संभावित रास्तों की जानकारी इकट्ठा की गई।पुलिस की कई टीमों ने मिलकर लगभग पचास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान देवपुरा चौक के कैमरे में एक युवक बच्ची को लेकर जाता हुआ दिखा। यह फुटेज सामने आते ही शहर के सभी संवेदनशील स्थानों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और सीमावर्ती क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी लगा दी गई। लगातार नजर रखी गई कि कोई संदिग्ध व्यक्ति शहर से बाहर न निकल सके
लगभग चार घंटे की लगातार जांच के बाद बच्ची ऋषिकुल चौक बस स्टॉप के पास लावारिस हालत में मिल गई। ऐसा माना जा रहा है कि बढ़ती चेकिंग को देखकर आरोपी घबरा गया और पकड़ से बचने के लिए बच्ची को वहीं छोड़कर फरार हो गया। मैन्युअल जांच और डिजिटल सबूतों के मेल ने पुलिस की कार्रवाई को सफल बना दिया।
एसएसपी ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है, उसका मेडिकल कराया गया और फिर उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जुटी हुई है और उसकी पहचान भी कर ली गई है। साथ ही पहले सक्रिय रहे बच्चा चोर गिरोहों की गतिविधियों की जांच भी दोबारा शुरू कर दी गई है ताकि किसी बड़े नेटवर्क की संभावना को टटोला जा सके।
मासूम को सकुशल पाकर परिवार के चेहरों पर राहत लौट आई और उन्होंने हरिद्वार पुलिस के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
