उत्तराखंड में इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग ने बेहद सख्त और व्यवस्थित रूपरेखा तैयार की है। करीब दो लाख पंद्रह हजार विद्यार्थियों की परीक्षाओं को शांत माहौल में और बिना नकल के पूरा कराने के लिए विभाग ने बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है। बढ़ते तकनीकी दुरुपयोग और पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए तैयारी को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है।
प्रदेशभर में कुल 1,261 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं, जहां विद्यार्थी 21 फरवरी से होने वाली परीक्षाओं में शामिल होंगे। इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च तक चलेंगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षाएं 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक समाप्त होंगी। इतने बड़े स्तर की परीक्षा प्रक्रिया के लिए केंद्र व्यवस्थापकों, निरीक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों को पहले ही दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
प्रश्न पत्रों की सुरक्षा इस बार पूरी तरह सख्त निगरानी में है। सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को प्रश्न पत्र सौंपने के बाद उन्हें संबंधित विद्यालयों में दोहरे ताले की व्यवस्था में रखा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लीक की संभावना न बचे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं भी सुरक्षित पैकिंग के बाद स्ट्रॉन्ग रूम में जमा होंगी, जहां निगरानी का अलग इंतजाम रहेगा।
राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों में से 156 को संवेदनशील और 6 को अतिसंवेदनशील चिह्नित किया गया है। ऐसे केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, सीसीटीवी निगरानी और औचक निरीक्षण दल तैनात किए जाएंगे। उड़न दस्तों को विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखाई देने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू रहेगी, जिससे अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही पर रोक रहेगी। परीक्षा स्थल से दो सौ मीटर क्षेत्र में फोटोकॉपी की दुकानों और भीड़भाड़ पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विद्यार्थियों को केवल अनुमत सामग्री ही साथ रखने की छूट होगी।
शिक्षा विभाग ने पुलिस और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर दिया है। जिलाधिकारी, एसडीएम और पुलिस अधिकारी समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। पुलिस बल की तैनाती से परीक्षा केंद्रों के बाहर शांति और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
विभाग का कहना है कि इस बार की परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई है, जिससे किसी भी स्तर पर गलती या लापरवाही की गुंजाइश न बचे। बैठने की व्यवस्था से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं की सीलिंग तक, हर प्रक्रिया के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी हो चुके हैं।
इधर परीक्षाओं के नजदीक आने के साथ ही छात्र अपनी तैयारियों में जुटे हैं। कई विद्यार्थी मॉडल पेपर और रिवीजन के माध्यम से अंतिम तैयारी कर रहे हैं। अभिभावकों की नजर भी इन परीक्षाओं पर टिकी है, क्योंकि यही बच्चे के आगे की राह तय करती हैं। शिक्षा विभाग का विश्वास है कि इस बार की सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय से परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और सुरक्षित माहौल में पूरी होंगी।
