मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। ऋषिकेश में जहां बहु मंजिला इमारत को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं अलग-अलग जगह पर तीन निर्माण पर सी लगा दी गई।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ कहा कि अनियोजित और अवैध निर्माण न केवल शहरी ढांचे को बिगाड़ते हैं, बल्कि यातायात, पर्यावरण और आधारभूत सुविधाओं पर गंभीर दबाव डालते हैं।
ऋषिकेश के वीरभद्र रोड शिव मंदिर के पास भावेश जोशी द्वारा निर्मित अवैध बहु मंजिला भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर दी गई। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण को पहले नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था लेकिन निर्धारित समय में कोई भी वैध स्वीकृति नहीं दिखाई गई।
इसके बाद बुलडोजर चलाया गया यह कार्यवाही सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
ऋषिकेश में प्रवर्तन डालने अन्य अवैध निर्माणों पर भी सख्त कदम उठाए। गली नंबर 5, वीरपुर खुर्द (सीमा डेंटल कॉलेज के निकट) में रितु गुप्ता ओर से किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया। इसी तरह गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक में करमवीर सिंह की ओर से बिना मानचित्र स्वीकृति के कराए जा रहे निर्माण को भी सील कर दिया गया।
निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि दोनों ही मामलों में वैध स्वीकृति के दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। प्राधिकरण ने कहा कि बिना अनुमति निर्माण करना
भवन निर्माण उपविधियों का खुला उल्लंघन है।
मसूरी क्षेत्र के किमाड़ी मोटर मार्ग पर रोहित पुंडीर द्वारा कराए जा रहे एक व्यावसायिक निर्माण को प्राधिकरण ने मौके पर सील कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि निर्माण बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक उपयोग के लिए किया जा रहा था यह कार्यवाही सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।
अधिकारियों ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियोजित व्यवसायिक निर्माण पर्यावरणीय असंतुलन और भूस्खलन जैसे जोखिम बढ़ा सकते हैं, इसलिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि अवैध निर्माण किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए भवन निर्माण के नियमों का पालन जरूर करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जहां कहीं भी अनियमित पाई जाएगी वहां सीलिंग ध्वस्तीकरण और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सभी प्रवर्तन कार्रवाइयां नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं। पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति लेना सुनिश्चित करें।
