देहरादून में 16 दिनों में पांच हत्याओं से बढ़ी बेचैनी, NSUI ने पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन कर कानून-व्यवस्था पर जताया गुस्सा

देहरादून इन दिनों अपराधों की लगातार आ रही घटनाओं से बुरी तरह अस्थिर दिख रहा है। राजधानी में बीते 16 दिनों के भीतर पांच हत्याएं…

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देहरादून इन दिनों अपराधों की लगातार आ रही घटनाओं से बुरी तरह अस्थिर दिख रहा है। राजधानी में बीते 16 दिनों के भीतर पांच हत्याएं होने से लोगों में भय और नाराज़गी दोनों बढ़ी है। शुक्रवार को राजपुर रोड पर हुई गोलीबारी ने हालात को और गंभीर बना दिया। इन घटनाओं की श्रृंखला के बीच आज NSUI के कार्यकर्ता विरोध जताने के लिए सीधे पुलिस मुख्यालय पहुंचे और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सख्त सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि राजधानी में जिस तरह खुलेआम हत्याएं हो रही हैं, वह पुलिस की कमजोर होती पकड़ को साफ दिखाता है। NSUI के युवाओं ने पुलिस मुख्यालय के ठीक सामने सुरक्षा व्यवस्था को नाकाम बताते हुए जमकर नारे लगाए और कहा कि लगातार बढ़ते अपराधों ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है।

माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने का प्रयास किया। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और बाद में कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया। गिरफ्तार किए जाने से ठीक पहले NSUI कार्यकर्ता हिमांशु ने कहा कि देहरादून के पॉश इलाकों में जिस तरह गोलियां चल रही हैं और लोग मारे जा रहे हैं, वह प्रशासन की बड़ी नाकामी है। उनका आरोप था कि शांतिपूर्वक विरोध के बावजूद पुलिस ने प्रदर्शन को जबरन दबाने की कोशिश की।

NSUI के मयंक रावत ने भी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि शहर में बाहरी लोगों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे माहौल बिगड़ रहा है। उनका कहना था कि वे सिर्फ पुलिस को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाने आए थे, लेकिन पुलिस ने उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया।

इसी दौरान कार्यकर्ता अनुराग कर्णवाल ने कहा कि देहरादून में जिस तरह की लगातार हत्याएं हो रही हैं, उससे राजधानी की छवि भी खतरे में है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस मुख्यालय के आसपास ही लगातार अपराध हो रहे हैं, तो दूरस्थ क्षेत्रों की सुरक्षा कैसी होगी।

अनुराग ने दावा किया कि घंटाघर, पलटन बाजार, परेड ग्राउंड और राजपुर रोड जैसे व्यस्त इलाकों में हो रही वारदातें साफ बताती हैं कि राजधानी की कानून व्यवस्था खोखली हो चुकी है।

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