हल्द्वानी में हुए डबल मर्डर केस का हुआ खुलासा , पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार

हल्द्वानी की बड़ी मंडी में मिले युवक और युवती के शवों ने मंगलवार सुबह पूरे शहर को दहशत में डाल दिया था। घटना सामने आते…

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हल्द्वानी की बड़ी मंडी में मिले युवक और युवती के शवों ने मंगलवार सुबह पूरे शहर को दहशत में डाल दिया था। घटना सामने आते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना भेजी गई, जिसके बाद कोतवाली पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। जांच के दौरान साफ हुआ कि दोनों की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी भी मौके पर पहुंचे और पूरी घटना का बारीकी से निरीक्षण किया। उसी समय विशेष टीम बनाकर तेजी से हत्याकांड सुलझाने के निर्देश जारी किए गए।

दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान शुभम टम्टा, निवासी तल्ला खोल्टा अल्मोड़ा, और लक्ष्मी पोखरिया, निवासी मल्ली पोखरी ओखलकांडा, के रूप में हुई। युवती के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में BNS की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में जुटी पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मैनुअल इंटेलिजेंस और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी को जोड़कर सिर्फ छह घंटे में घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी की निगरानी में काम कर रही टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात सभी आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान लक्ष्मी के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई, जिसका विरोध शुभम और लक्ष्मी ने किया। विवाद बढ़ने पर पहले शुभम की हत्या की गई और राज़ खुलने के डर से लक्ष्मी को भी मार डाला गया। दोनों के सिर पत्थर से कुचलकर पहचान छिपाने का प्रयास किया गया।

गौरव नेगी और दीपू शर्मा के कपड़ों पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें पुलिस ने सबूत के तौर पर कब्जे में लिया। हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दो के खिलाफ पहले से कई आपराधिक केस दर्ज होने की पुष्टि हुई है। गौरव नेगी पर कोतवाली हल्द्वानी में 11 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि दीपेश लटवाल के खिलाफ तीन मामले पहले से चल रहे हैं

दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने पर SSP मंजुनाथ टीसी ने टीम को ढाई हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
मामले की जांच में कोतवाली हल्द्वानी से लेकर विभिन्न चौकियों के अधिकारी और जवान शामिल रहे, जिन्होंने मिलकर इस सनसनीखेज वारदात की परतें खोल दीं।

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