अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के मानसखंड विज्ञान केंद्र में 13 से 15 फरवरी तक 21वें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों के सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महत्वपूर्ण जानकारी केंद्र प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने दी।
उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
डॉ. जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन उत्तराखंड राज्य में पहली बार आयोजित हो रहा है। इसे विज्ञान, नवाचार और विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।
विज्ञान केंद्रों के भविष्य पर केंद्रित होगी चर्चा
इस वर्ष सम्मेलन की केंद्रीय थीम विज्ञान केंद्रों का भविष्य निर्धारित की गई है। डॉ. जोशी के अनुसार, यह आयोजन विज्ञान संग्रहालयों को केवल पारंपरिक प्रदर्शनी स्थलों से आगे ले जाकर उन्हें ज्ञान, नवाचार, अनुसंधान और युवा नेतृत्व के सशक्त केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
सम्मेलन के मुख्य तकनीकी बिंदु
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विज्ञान संग्रहालयों की बदलती भूमिका,डिजिटल और इंटरेक्टिव तकनीकों का प्रभावी उपयोग,विज्ञान संचार के नए और प्रभावी मॉडल,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित आधुनिक प्रदर्शन पर मंथन किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में विज्ञान संग्रहालयों के भविष्य के साथ-साथ राष्ट्रीय विज्ञान नीति, नवाचार आधारित शिक्षा और संस्थागत सहयोग जैसे अहम विषयों पर मंथन होगा। यहां से निकलने वाले निष्कर्ष राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान केंद्रों की भविष्य की रूपरेखा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
देशभर के दिग्गज वैज्ञानिकों का लगेगा जमावड़ा
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम), कोलकाता के महानिदेशक अरिजीत दत्ता चौधरी और यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित देश के विभिन्न राज्यों से विज्ञान केंद्रों के प्रमुख, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे। इस आयोजन को लेकर विज्ञान जगत में खासा उत्साह है और अगले तीन दिनों तक अल्मोड़ा राष्ट्रीय विज्ञान विमर्श का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।
