कोटद्वार में एक निजी स्कूल को फायर एनओसी जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला लीडिंग फायरमैन अब कानून की गिरफ्त में है। विजिलेंस टीम ने उसे 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, कोटद्वार का यह निजी स्कूल फायर एनओसी लेने के लिए पहले से प्रयास कर रहा था। आरोप है कि लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह ने शुरुआत में स्कूल से 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, लेकिन बाद में बातचीत के बाद रकम 20 हजार रुपये तय हुई।
स्कूल ने एनओसी के लिए आवेदन किया था और रणवीर सिंह अपनी टीम के साथ निरीक्षण भी कर चुके थे। बावजूद इसके, स्कूल द्वारा सभी दस्तावेज जमा करने के बाद भी फाइल आगे अधिकारियों तक नहीं भेजी जा रही थी। इस पर स्कूल प्रबंधन ने विजिलेंस को सूचना दी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप टीम तैयार की। सोमवार को रणवीर ने स्कूल प्रबंधक से फायर स्टेशन के पास पैसे लेने को कहा। जैसे ही उसने रिश्वत ली, विजिलेंस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर तलाशी ली गई, जहां कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए।
विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैया रखती है और हर शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। कोटद्वार में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। रणवीर सिंह को मंगलवार को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
