मौजूदा समय में लोगों की जीवनशैली इतनी बदल चुकी है कि इसका सीधा असर उनके खाने-पीने की आदतों पर दिखाई देने लगा है। आजकल ज्यादातर लोग जंक फूड, तला-भुना खाना, चाय-कॉफी और मीठे पेय पदार्थों का खूब सेवन कर रहे हैं, जबकि फल और हरी सब्जियां बहुत कम खा रहे हैं। यह बदलाव न सिर्फ शरीर, बल्कि दांतों की सेहत पर भी भारी पड़ रहा है। यही वजह है कि दांतों में कैविटी, सड़न और दर्द जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग शुरुआती समस्या को अनदेखा कर देते हैं, लेकिन समय के साथ दांत इतने खराब हो जाते हैं कि उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है। कुछ शोध बताते हैं कि घर में मौजूद सामान्य चीजें भी कैविटी में काफी राहत दे सकती हैं और दांतों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, दांतों को स्वस्थ रखने के लिए नमक मिले हल्के गुनगुने पानी से कुल्ला करना बेहद कारगर माना जाता है। नमक में प्राकृतिक तत्व होते हैं, जो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को कम करते हैं। अगर दिन में दो-तीन बार इस पानी से कुल्ला किया जाए, तो सूजन में आराम मिलता है और दर्द भी कम होता है। यह तरीका कैविटी को बढ़ने से रोकने में काफी सहायक माना जाता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, खाली पेट ऑयल पुलिंग करना भी दांतों की सफाई के लिए बहुत लाभदायक है। सुबह नारियल या तिल के तेल को कुछ मिनट तक मुंह में घुमाने से बैक्टीरिया और प्लाक हटने लगते हैं। इससे दांत चमकदार बनते हैं और सड़न की आशंका घटती है। कई लोग इसे रोज के रुटीन में शामिल कर चुके हैं और उन्हें स्पष्ट फर्क दिखाई देता है।
लौंग का उपयोग भी दांतों की समस्याओं में काफी राहत देता है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व दर्द कम करने और संक्रमण रोकने में मदद करता है। दांत में दर्द होने पर एक लौंग को वहीं रखना या लौंग के तेल को रुई से लगाना काफी आराम पहुंचाता है। रात के समय यह तरीका खास तौर पर असर दिखाता है।
हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण भी दांतों और मसूड़ों दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है। हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। अगर इस मिश्रण को हल्के हाथों से दांतों पर लगाया जाए, तो संक्रमित जगह में राहत मिल सकती है और कैविटी की समस्या बढ़ने से रुक सकती है।
ऐसा ही प्रभाव लहसुन से भी मिलता है। लहसुन में पाया जाने वाला एलिसिन तत्व संक्रमण को कम करता है।
पीसा हुआ लहसुन हल्के नमक के साथ प्रभावित जगह पर लगाने से दर्द में आराम महसूस होता है। हालांकि शुरुआत में थोड़ी जलन हो सकती है, लेकिन इसका असर तेज होता है।
हालांकि, अगर पहले से दांतों में गंभीर समस्या मौजूद है, तो इन घरेलू तरीकों को अपनाने से पहले दंत चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है। ये उपाय शुरुआती देखभाल और हल्की राहत के लिए अच्छे हैं, लेकिन इलाज का विकल्प नहीं हैं।
दर्द बढ़ रहा हो, सूजन रुक न रही हो या कैविटी गहराई तक पहुंच गई हो, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।
