QR कोड के ज़रिए पेमेंट करना आज सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। छोटे-बड़े सभी शहरों में लोग रोज़ाना इसी माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने कई लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या QR कोड से पेमेंट करते वक्त भी ठगी हो सकती है?
इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर संकेत प्रकाश खंडागले (@spiktec_) ने 6 फरवरी को एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने एक काल्पनिक घटना के सहारे QR स्कैम का तरीका समझाया। वीडियो में दिखाया गया है कि एक युवक ऑटो का 150 रुपये किराया चुकाना चाहता है, लेकिन ट्रांजैक्शन की गलती के चलते उसके खाते से 15 हजार रुपये कट जाते हैं। वीडियो में आगे बताया जाता है कि ठगी अक्सर तब होती है जब कोई व्यक्ति जल्दबाज़ी में पे रिक्वेस्ट या कलेक्ट रिक्वेस् को बिना पढ़े ही अप्रूव कर देता है।
संकेत बताते हैं कि QR कोड केवल पेमेंट रिसीव करने के लिए ही नहीं होते, बल्कि कुछ QR कोड पेमेंट रिक्वेस्ट भी भेज सकते हैं, जिन्हें स्वीकार करते ही पैसा भेजने वाला नुकसान में पड़ सकता है। उनका कहना है कि अगर स्क्रीन पर अप्रूव रिक्वेस्ट या कलेक्ट जैसा कोई मैसेज दिखे, तो तुरंत उसे डिक्लाइन करना चाहिए
हालांकि, उनके वीडियो में कुछ खामियां भी लोगों ने उजागर की हैं। कई दर्शकों का कहना है कि वीडियो में दिखाया गया QR कोड पेमेंट रिक्वेस्ट वाला नहीं है। साथ ही, UPI इंटरफेस में हमेशा ट्रांजैक्शन का अमाउंट साफ दिखाई देता है, ऐसे में 150 की जगह 15 हजार भेजना मुश्किल है। दर्शकों ने इन बातों पर कमेंट करते हुए वीडियो पर सवाल उठाए हैं।
लेकिन इसके बावजूद वीडियो का मकसद स्पष्ट है।डिजिटल पेमेंट करते समय जल्दबाज़ी और लापरवाही से बचना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि वीडियो पर अब तक लाखों व्यूज और हजारों लाइक्स आ चुके हैं। कई यूजर्स ने मजाक में कमेंट भी किए, जैसे इतना पैसा होता तो स्कैम हो जाता जबकि कुछ ने कैश पेमेंट पर वापस लौटने की बात लिखी।
हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार UPI और QR कोड सिस्टम सुरक्षित हैं, बस जरूरत है कि यूजर हर रिक्वेस्ट को ध्यान से पढ़े और बिना जांचे पिन न डाले। डिजिटल लेन-देन को समझदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो ऐसे स्कैम से आसानी से बचा जा सकता है।
