अब हरिद्वार जाने वाले लोगों के लिए आई खुशखबरी, रेलवे स्टेशन पर बनेगा बड़ा लिविंग एरिया, चलेंगी 100 जोड़ी ट्रेनें

केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के रेल बजट में उत्तर प्रदेश को 20 हजार 12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस…

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केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के रेल बजट में उत्तर प्रदेश को 20 हजार 12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बजट में मुरादाबाद रेल मंडल के आधुनिकीकरण और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी कई योजनाएं भी इसमें शामिल है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का बड़ा रेल क्षेत्र मुरादाबाद मंडल में आता है इसलिए उत्तराखंड के लिए घोषित परियोजनाएं भी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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रेल मंत्री ने बताया कि हरिद्वार स्टेशन का नए स्वरूप में पुनर्विकास किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए ‘लिविंग एरिया (आवासीय सुविधा क्षेत्र)’ विकसित करने की योजना है। हरिद्वार देश का प्रमुख धार्मिक केंद्र होने के कारण यहां सभी दिशाओं से ट्रेनों की मांग रहती है और देशभर से बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं।


ऐसे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। स्टेशन का नया डिजाइन भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में वर्तमान में 39,491 करोड़ रुपये के रेल कार्य प्रगति पर हैं और इस वर्ष राज्य को रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जो पहले की तुलना में 26 गुना अधिक है।


इस निवेश में ट्रैक निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा सुधार शामिल हैं। अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 11 स्टेशनों को पूर्ण पुनर्विकास के लिए चयनित किया गया है। इसके अलावा वंदे भारत एक्सप्रेस की तीन जोड़ी और अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी ट्रेनें संचालित हो रही हैं।


रेल मंत्री का कहना है कि 2014 में उत्तराखंड में लगभग 76 किलोमीटर नई रेल लाइन बनाई गई थी। राज्य में 334 किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। उत्तराखंड में रेलवे का 100% विद्युतीकरण हो चुका है। इसके साथ ही 106 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण भी किया गया है। बताया जा रहा है कि ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।


योगनगरी ऋषिकेश और कर्णप्रयाग के बीच टनल का कार्य पूरा हो चुका है और ब्रेकथ्रू भी हो गया है। लगभग 125 किलोमीटर रेल लाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका उद्घाटन संभव है। रेल मंत्री ने सात हाईस्पीड रेल कारिडोर में से दो कारिडोर उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे को मिलने की जानकारी दी।


इनमें दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी कारिडोर शामिल हैं। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के रूट का अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद मंडल से संबंधित परियोजनाओं और बजट का विस्तृत विवरण जल्द जारी होने वाली पिंक बुक में दिया जाएगा।


रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ठहरने की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि जैसा रेल मंत्री ने बताया कि स्टेशन पर बड़े क्षेत्र में ‘लिविंग एरिया (आवासीय सुविधा क्षेत्र)’ विकसित किया जाएगा। इसके लिए स्टेशन का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।


योजना के तहत रिटायरिंग रूम, स्थायी होल्डिंग एरिया, वेटिंग हाल और डोरमेट्री का भी विकास किया जाएगा। वर्तमान में हरिद्वार से 40 जोड़ी ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिसे भविष्य में 100 जोड़ी तक बढ़ाने की संभावना है।