उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है जिससे मैदानी और पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश भी हो रही है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की वजह से काफी ठंड बढ़ गई है, लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
आईएमडी ने कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है। खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने माता-पिता से यह अपील की है कि बच्चों को घर पर ही रखें बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
वहीं अगर देहरादून में की बात की जाए तो मंगलवार को सुबह मौसम साफ था लेकिन दोपहर होते-होते यहां काले बादल छा गए। कई जगह पेड़ गिर गए और बारिश भी शुरू हो गई और रात तक बारिश होती रही लगातार बारिश की वजह से कई इलाकों में बिजली बंद कर दी गई पिछले 12 घंटे से बिजली नहीं आने से लोग काफी परेशान हो रहे हैं। पानी की सप्लाई भी बंद कर दी गई है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी पिछले 48 घंटे से बारिश हो रही है। वहीं ऊंचाई वाले हिमालयी इलाकों में बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं।
IMD के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। आज भी कई जिलों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
टिहरी, ऊधम सिंह नगर, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में क्लास 1 से 12 तक के सभी स्कूल आज बंद रहेंगे। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे घर पर ही रहें। पंतनगर में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस किया गया है।
वहीं, देहरादून में न्यूनतम 10.5 डिग्री है। मुक्तेश्वर में 5.8 डिग्री दर्ज हुआ। आज (28 जनवरी) देहरादून में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार कुमाऊँ मंडल में बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी बर्फबारी और बारिश अभी भी हो सकती है। नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में तेज हवाएं चलेंगी
उत्तराखंड में 30 और 31 जनवरी और एक और 2 फरवरी तक मौसम में उतार-चढ़ाव रहेगा। इसके बाद इसमें थोड़ा बहुत सुधार आएगा। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम का अपडेट चेक करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि राज्य में कई जगह हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
यह मौसम बदलाव सर्दियों का सामान्य हिस्सा है, लेकिन लगातार बारिश से ट्रैफिक, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में अगर पर्यटन यात्रा के लिए निकले तो मौसम अपडेट जरूर चेक करें। साथ ही सतर्क रहें।
