अल्मोड़ा में मनाई गई यूसीसी की पहली वर्षगांठ, क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को जिपं अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने किया सम्मानित

अल्मोड़ा:उत्तराखंड राज्य में 27 जनवरी 2025 से लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को जनपद…

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अल्मोड़ा:
उत्तराखंड राज्य में 27 जनवरी 2025 से लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को जनपद अल्मोड़ा में प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता दिवस हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया।
यह कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा की अध्यक्षता में नवीन कलेक्ट्रेट भवन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनसामान्य ने सहभागिता की।
इस मौके पर जिंप हेमा गैडा ने कहा कि यह ऐसा कानून है जो सबको समान अधिकार सुनिश्चित कराता है। देश में यूसीसी लागू करने वाले राज्य के रूप में यह हम सबके लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम के दौरान समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने यूसीसी को सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताते हुए इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस अवसर पर यूसीसी की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने कहा कि यह उत्तराखंड राज्य के लिए गौरव का विषय है कि वह देश का प्रथम राज्य है, जहाँ समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यूसीसी सभी धर्मों के नागरिकों के लिए समान अधिकारों की बात करता है। इस कानून के माध्यम से महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो समाज में वास्तविक समानता सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए जनपद में इसके क्रियान्वयन हेतु संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूसीसी समाज में समरसता स्थापित करने एवं महिलाओं को समान अधिकार दिलाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

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यूसीसी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। स्कूली बच्चों द्वारा नाटक के माध्यम से समान नागरिक संहिता के प्रावधानों एवं उसके लाभों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। इसके अतिरिक्त विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिनके माध्यम से सामाजिक एकता एवं समान अधिकारों का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर जनपद के दो निबंधक, दो उप-निबंधक सहित कुल 78 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को यूसीसी के अंतर्गत प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण में सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित अधिकारियों में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रानीखेत गौरी प्रभात, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत चौखुटिया सुभाष चंद्र तथा आरएमओ कैंट बोर्ड रानीखेत डॉ. पवन तिवारी शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत विवाह पंजीकरण आवेदनों के निस्तारण हेतु 78 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।


कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा ने भी अपने अपने विचार रखे तथा सभी ने यूसीसी लागू करने को सरकार का साहस भरा कदम बताया।


यहां बीजेपी जिला अध्यक्ष महेश नयाल, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष गजेंद्र सिंह मेहता सहित जनपद के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने समान नागरिक संहिता को समाज में समानता एवं न्याय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल बताया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विद्या कर्नाटक द्वारा किया गया।

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