जम्मू कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है। एक तरफ पर्यटक इस बर्फबारी का मजा ले रहे हैं तो स्थानीय लोग काफी परेशान हो रहे हैं।
पहाड़ी इलाकों में दो-तीन फीट तक बर्फ जम गई है जिसकी वजह से सभी सेवाएं बाधित हो रही हैं। जम्मू कश्मीर के मैदानी इलाकों में करीब 1 फुट बर्फबारी रिकॉर्ड की गई जबकि ऊपरी पहाड़ी इलाकों में लगभग 2 से 3 फुट बर्फबारी जमी हुई है।
भूस्खलन पेड़ गिरने और भारी बर्फबारी की वजह से हाईवे और लिंक रोड समेत सड़के बंद हो गई है। कई इलाकों में तापमान शून्य के नीचे पहुंच गया है।
भारी बारिश और बर्फबारी के कारण शुक्रवार को जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया और उधमपुर के जखनी चौक पर आवाजाही रोक दी गई।
बारामुला बडगाम और रामबाण के पहाड़ी रिजॉर्ट शहर बटोटे में भी काफी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढका नजर आया। बर्फबारी की वजह से हवाई यात्रा भी बाधित हुई, श्रीनगर एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस ने कई उड़ानों को अस्थायी रूप से सस्पेंड और कैंसिल करने की घोषणा की है।
श्रीनगर एयरपोर्ट के सोशल मीडिया हैंडल से यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसमें जानकारी दी गई थी कि दिल्ली एयरपोर्ट पर NOTAM लागू होने और श्रीनगर में खराब मौसम की वजह से, श्रीनगर एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कुछ फ्लाइट्स आज कैंसिल कर दी गई हैं।
यात्रियों को यह भी सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले वह अपनी एयरलाइंस से फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक कर ले
नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में कई जगहों पर गाड़ियां और लोग फंस गए। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण चार नेशनल हाईवे समेत 535 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बड़े पैमाने पर बर्फ हटाने का काम जारी है।
विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि बर्फबारी की वजह से करीब छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। DCR नैनीताल और जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों ने तेजी से बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
रामगढ़-मुक्तेश्वर और धनाचूली बैंड इलाकों में फंसे वाहनों और यात्रियों को बचाया जा रहा है। यहां टीमों ने JCB मशीन का इस्तेमाल करके सड़क से बर्फ हटाई और लगभग 20 से 25 गाड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
