उत्तराखंड में पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए देहरादून सहित प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल ई-बीआरटी एवं रोपवे जैसी परियोजनाओं की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
सचिवालय में आवास सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार के अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रबंधक निदेशक ने बताया कि यूकेएमआरसी बोर्ड ने देहरादून शहर में दो प्रमुख कारीडेार पर ई-बीआरटी (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) परियोजना लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
इसके लिए आवश्यक अध्ययन भी कराया जाएगा अध्ययन के बाद परियोजना को कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। आवास सचिव डॉक्टर राजेश कुमार का कहना है कि देहरादून शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए ई-बीआरटी जैसी पर्यावरण-अनुकूल मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
उत्तराखंड मेट्रो रेल, कॉरपोरेशन द्वारा संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना पर भी चर्चा की गई। प्रबंध निदेशक ने कहा कि बोर्ड द्वारा इस परियोजना को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और शीघ्र ही प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा।
आवास सचिव ने निर्देश दिए कि प्रस्ताव को शीघ्र प्रस्तुत कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम आवागमन सुविधा मिल सके।
त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के संबंध में भी प्रबंध निदेशक ने जानकारी दी। बताया कि इस परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।
फारेस्ट क्लियरेंस स्टेज-1 की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक अनुमोदन समयबद्ध रूप से पूर्ण कर टेंडर प्रक्रिया आरंभ की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध हो सके।
बैठक में नैनीताल, कांची धाम और मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। यूकेएमआरसी द्वारा इन स्थलों के लिए संभाव्यता अध्ययन कराया जा रहा है।
आवास सचिव ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर रोपवे परियोजनाएं यातायात जाम को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होंगी और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी रहेंगी।
बैठक में देहरादून शहर में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिस्टर सिस्टम की संभावनाओं पर भी सचिन को अवगत कराया गया। सचिव ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक परिवहन योजना तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
