कराची शॉपिंग मॉल में हुआ अग्निकांड, मृतकों की संख्या हुई 61

कराची के गुल प्लाजा में लगी आग की तबाही का अंदाजा सोमवार को तब और गहरा हो गया, जब रेस्क्यू टीमों ने मलबे में दबे…

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कराची के गुल प्लाजा में लगी आग की तबाही का अंदाजा सोमवार को तब और गहरा हो गया, जब रेस्क्यू टीमों ने मलबे में दबे एक जली हुई दुकान के अंदर से एक साथ 30 शव बरामद किए। यह दुकान के अंदर से एक साथ 30 शव बरामद किए। यह दुकान जो दुबई क्रॉकरी के नाम से मेजेनाइन फ्लोर पर चलती थी, हादसे के वक्त पूरी तरह भरी हुई थी। कराची साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सैयद असद रजा ने बताया कि इससे पहले तीन और शव निकाले गए थे, जिसके बाद अब मरने वालों की कुल संख्या 60 के पार पहुंचने का अंदेशा है। अंतिम गिनती डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगी।

रजा ने बताया कि लापता लोगों के परिवार लोगों के परिवार और कुछ दुकानदार पहले ही आशंका जता चुके थे कि दुकान में कई लोग फंस गए होंगे। आखिरी बार संपर्क होने पर अंदर मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि आग जल्द बुझ जाएगी, लेकिन लगातार फैलते धुंए की वजह से वह बाहर नहीं निकल सके और मौत हो गई।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बम डिस्पोज़ल यूनिट को मौके पर बुलाया गया था, लेकिन शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या धमाके का कोई संकेत नहीं मिला है। इलाके के एक स्थानीय निवासी रशीद ने बताया कि दुकान ने शादी के मौसम को देखते हुए देर रात तक सेल लगा रखी थी, जबकि आमतौर पर यह रात दस बजे बंद कर दी जाती है।
गुल प्लाज़ा में आग शनिवार रात भड़की थी। एमए जिन्ना रोड पर लगी यह आग रविवार को 24 घंटे बाद तो काबू में कर ली गई, लेकिन सोमवार को फिर से धधकने लगी। तेज़ लपटों और भीषण गर्मी की वजह से बिल्डिंग का एक हिस्सा बैठ गया था। तीन मंजिला इस प्लाज़ा में करीब 1200 दुकानें थीं।


कराची कमिश्नर सैयद हसन नक़वी ने जली हुई इमारत का दौरा किया और बताया कि आग से बिल्डिंग की स्थिति गंभीर हो गई है और आसपास की संरचनाओं पर भी असर पड़ा है। हालांकि, पास के रिम्पा प्लाज़ा को फिलहाल ख़तरनाक घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी माना कि प्लाज़ा में आग सुरक्षा के इंतज़ाम अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक नहीं थे।


कराची के एडिशनल आईजी आज़ाद खान ने कहा कि अब तक जांच में किसी तोड़फोड़ का संकेत नहीं मिला है और मीडिया में चल रही कुछ खबरें सही नहीं हैं। फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही शनिवार रात तीन फायर टेंडर भेजे गए थे, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण कई निकासी रास्ते बंद पड़े थे, जिससे बचाव में काफी दिक्कत हुई। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दुकानदारों ने घबराहट में फायर पाइप खींचकर काम में बाधा डाल दी थी।
मलबे में फंसे शवों को निकालने का काम लगातार जारी है और राहतकर्मियों ने कहा है कि जैसे-जैसे अंदर पहुंचना संभव होगा, खोज का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

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