उत्तराखंड में सुशासन को जमीन पर उतरने और आम नागरिकों को राहत देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहा जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा अभियान पर प्रभावी और भरोसे मॉडल के रूप में सामने आया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को 7876 नागरिकों ने इस अभियान के तहत लगाई जा रहे शिविरों में भागीदारी की।
प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे जन जन की सरकार जन-जन के द्वार अभियान से लेकर प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई बल्कि शासन के प्रति जन विश्वास भी मजबूत हुआ है। मंगलवार तक राज्य के सभी जिलों में इस अभियान के तहत कुल 408 जन सेवा शिविर आयोजित किए गए।
केवल एक दिन में 13 नए शिवरों के आयोजन किए गए। इससे सरकार की सक्रियता प्रतिबद्धता को देखा जा सकता है।
इन शिविरों में अब तक कुल 3,30,461 नागरिकों ने सहभागिता की है।
अभियान के दौरान अब तक 33,529 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 22,675 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल एक दिन में 783 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 502 मामलों का समाधान मौके पर अथवा संबंधित विभागों के माध्यम से किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रमाण पत्रों और शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43,975 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अब तक 1,79,169 नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें एक दिन में 3,911 नए लाभार्थी शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।
