प्रयागराज में चले माघ मेले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर झड़प हो गई।
इसके बाद यह मामला इतना ज्यादा बढ़ गया कि पुलिस कर्मियों ने शंकराचार्य के एक शिष्य को ना सिर्फ जमीन पर गिराया बल्कि उसे बाल पड़कर घसीटते हुए पुलिस चौकी के अंदर ले गए।
मीडिया का कहना है कि पुलिस ने शिष्य के साथ मारपीट भी किया और उसे मुक्के मारे, जिससे मेले में शांत वातावरण में अचानक तनाव फैल गया। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान के लिए जाने के दौरान शुरू हुआ।
पुलिस ने बताया कि शंकराचार्य अपनी पालकी पर सवार होकर आ रहे थे जो की परंपरा और प्रोटोकॉल के खिलाफ था।
जिला मजिस्ट्रेट ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कार्य की शंकराचार्य बिना किसी पूर्व अनुमति के अपनी पालकी पर आए थे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनके समर्थक और शिष्य पुलिस कर्मियों से भिड़ गए।
दोनों पक्षों के बीच हुई इस तीखी झड़प में स्थिति काफी हिंसक हो गई। पुलिस और शिष्यों के बीच हुई धक्का-मुक्की के दौरान शंकराचार्य की पालकी का क्षत्रप (छत्र) भी टूट गया। इस हंगामे और अव्यवस्था के कारण शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपना पवित्र स्नान भी पूरा नहीं कर पाए।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और घटना के बाद से ही श्रद्धालुओं और संतों के बीच प्रशासन के इस व्यवहार को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है।
